
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा:- विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के बीआरसीसी गुलाबदास महंत पर हाल ही में लगाए गए आरोपों को लेकर अब नया सच सामने आ रहा है। शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ संकुल समन्वयक (CAC) जो अपने विद्यालयों में अध्यापन कार्य करने में लापरवाही बरतते हैं, उनके शाला निरीक्षण के दौरान आपत्ति जताते हैं और विरोध की स्थिति खड़ी कर देते हैं। जबकि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश है कि संकुल समन्वयकों को सबसे पहले अपने विद्यालय में अध्यापन कराना है, शेष समय में ही मॉनिटरिंग एवं अन्य कार्य किए जाने हैं।
हाल ही में संयुक्त संचालक के निरीक्षण दौरे में भी एक संकुल समन्वयक को निलंबित किया गया है और एक अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। इस पृष्ठभूमि में माना जा रहा है कि बीआरसी महंत द्वारा प्रशासनिक कार्यों को समय पर पूर्ण करने की सख्ती और अध्यापन संबंधी नियमों का पालन कराने के कारण कुछ समन्वयक नाराज हो गए। इन्हीं के दबाव और असंतोष से प्रेरित होकर फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई है।
बीआरसी गुलाबदास महंत का कहना है कि सीधे-सादे और भोले-भाले सीएसी से कोरे कागज़ पर हस्ताक्षर कराए गए थे, जिनका दुरुपयोग कर यह शिकायत तैयार की गई है। वास्तव में न तो उन्होंने किसी प्रकार की उगाही की और न ही धमकी दी।
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार बीआरसी महंत का कामकाज हमेशा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहा है। उनके कार्यकाल में ब्लॉक स्तर पर शैक्षिक गतिविधियों को मजबूती मिली है और बच्चों के सीखने-सिखाने के माहौल में सुधार हुआ है।
अब जिला शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा। शिक्षक वर्ग और जानकारों का मानना है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और बीआरसीसी पर लगे आरोप केवल एक षड्यंत्र साबित होंगे।





