कवर्धा,पांडातराई: नगर पंचायत पांडातराई की सरकारी मदिरा दुकान के आसपास अवैध चखना दुकानों की भरमार से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। प्रशासन की आंखों के सामने खुलेआम चल रहे इन गैरकानूनी ठिकानों से न केवल सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि युवाओं को भी नशे की लत की ओर धकेला जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मदिरा दुकान खुलते ही आसपास दर्जनों अस्थायी चखना सेंटर सक्रिय हो जाते हैं, जहां बिना लाइसेंस के मांस-मछली, अंडा, और अन्य खाद्य सामग्री बेची जाती है। ये दुकानें न तो स्वास्थ्य विभाग के मानकों का पालन करती हैं और न ही नगर पंचायत से किसी प्रकार की स्वीकृति प्राप्त हैं।
आबकारी विभाग बना मूकदर्शक सबसे हैरानी की बात यह है कि आबकारी विभाग को इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और मिलीभगत के चलते यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है।
स्थानीयों की मांग – सख्त कार्रवाई हो
स्थानीय सामाजिक संगठनों और व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध चखना दुकानों को तत्काल हटाया जाए और दोषियों पर कानूनी कार्यवाही हो। साथ ही मदिरा दुकानों के आसपास स्वच्छता और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए।
यदि प्रशासन ने शीघ्र कदम नहीं उठाया तो स्थानीय नागरिक आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं।