
छग/धमतरी
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने महज कुछ दिन रह गए हैं… जिससे जिले में चुनावी सरगर्मी तेज हो रही है… सभी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियां सत्ता पाने जी जान लगाकर वोट साधने में लगी हुई है।
छत्तीसगढ़ में चुनाव के नज़दीक आते ही मान मन्नवल का दौर भी जारी है इसके साथ ही कार्यकर्ताओं की नाराज़गी भी अब खुलकर सामने आने लगी है।
आपको बताते चलें कि इस बार विधान सभा चुनाव में पार्टियों के बैनर तले और पार्टी से नाराज़ कार्यकर्ता भी अपना किस्मत आजमाने स्वतंत्र निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को चुनौती देने खड़े हैं।
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से ताज़ा हालात की बात करें तो धमतरी विधानसभा में केन्द्रीय नेतृत्व वाली सरकार के प्रत्याशी के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी सामने आ रही है वहीं बूथ लेवल की बात करें तो बूथ प्रभारियों की पूछ परख नहीं होने से मन मुटाव की स्थिति बनी हुई है।
वहीं यदि कार्यकर्ताओं को तवज्जों न देने से भारी रोष व्याप्त है जिसके चलते पार्टी बैनर तले दूसरे प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं।
वहीं वर्तमान स्तत्तासीन रहें सरकार के कार्यकर्ताओं की बात करें तो पार्टी के बड़े लीडर समर्पण भाव से काम करने के बजाए अपने ही प्रत्याशी के लिए गड्ढे खोदने में लगे हुए हैं… जिसके कारण यह मुहावरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है..मुंह में राम….बगल में छुरी जैसी कहावतों का सार्थकता दिखाई दे रही है।
सूत्रों की माने तो इस बड़ी नाराजगी का कारण यह भी है की सबके चहेते और दमदार प्रत्याशी को टिकट नही देने के चलते भारी नाराजगी है ,हालांकि उनकी नाराज़गी को खत्म करने संयोजक बना दिया गया है। वहीं खुद के खुद के कार्यकर्ता अब पुनः अधिकृत प्रत्याशी को गड्ढें में धकेलने में लगे हुए हैं… जिसके बाद पुनः दमदार दावेदार के ऊपर आरोप मढ़कर गलत साबित करने में लगे हैं जिससे राजनीतिक करियर से साइड कर चुप चाप बैठाकर, पार्टी के और नेता अपना स्वार्थ सिद्ध कर सके।
वहीं अब क्षेत्र की जनता अब इन राष्ट्रीय पार्टियों को छोड़कर किसी तीसरे प्रत्याशी को मौका देने के कयास लगाए जा रहे हैं.. क्षेत्र की जनता दो बड़े राष्ट्रीय पार्टियों में समर्पित भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को तवज्जों नही देने का नतीजन पूछ परख नहीं होने से अब किनारा करने में जुट गए हैं तो वहीं कुछ एक कार्यकर्ता अपना अस्तित्व और मान बचाने की लड़ाई लड़ने इन राष्ट्रीय पार्टियों से साइड हो रहें हैं। तो इन्ही पार्टियों के बड़े कार्यकर्ता अप्रत्यक्ष रूप से तीसरे प्रत्याशी के समर्थन करने में लगे हुए हैं।
बहरहाल अब देखना होगा कि आगामी दिनों में क्या रुझान होती है, जनता किसको विधायक की सीट पर बैठाती है….??.?.?.
चुनेश साहू 7049466638





