
छग/ बालोद
क्षेत्र में बड़े पैमने में अवैध प्लाटिंग का कारोबार बेखोफ होकर किया जा रहा है।किसानों की जमीन को भू माफियाओं द्वारा, औने पौने दामो पर खरीद कर जमीन कीमत लाखों रूपये में सौदा कर जमीन मालिक को कुछ रुपये देकर एग्रीमेन्ट 11 माह के लिए किया जाता है ।
और फिर शूरु होता है भू माफियाओं का खेल ?पंचायत क्षेत्र से लेकर नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग का कारोबार को बेख़ौफ अंजाम दे रहे हैं!सरकारी अफसरों को पान फूल नारियल चढ़ाया जो जा रहा है।
ऐसे रसूखदारो पर शासन प्रसासन भी कार्यवाही करने से भी घबराते हैं आप अगर दूसरी ओर देखेंगे भू माफियाओं के पास न तो लाइसेंस न कॉलोनाईजर एक्ट और न रेरा के बगैर अनुमति के प्लाटिंग किया जा रहा है।अब तो ये भी सुनने को मिल रहा है,पटवारी भी बिना किसी प्रकार जांच पड़ताल के बेख़ौफ होकर नक़्शा काट कर दे देते है ,वे लोग भी शासन को चुना लगा रहा है।
गुरुर में कुछ माह पहले,एक कहावत की तरह ।तू चल मै आई,जैसे,गीत की बोल की तरह रेसिडेंसियल प्लाट सभी साईज में उचित कीमतों पर शहर के मध्य स्थान में उपलब्ध है!
सूत्र मुताबिक़ लोकेशन गुरुर देउर मंदिर के पीछे शिक्षक कालोनी मे फिक्स रेट(531rs/feet/231000/- मात्र) में दिया जा रहा है , तो वहीं देशी शराब भट्टी के आसपास. एवम कोलिहमार से ठेकवा रोड पर खुले आम अवैध प्लाटिंग का कारोबार जारी है,जानकारी के मुताबिक कुछ जमीन दलाल नुमा लोग शायद , नवरात्र स्पेशल आफर जारी किया गया है।
अब देखना ये है शासन प्रशासन कुम्भकर्णी नींद से जागेंगी या खुला नवरात्र ऑफर समझ कर खुद भी मलाई खाती है? या फिर दिवाली आफर के लिए आरक्षित करती है, किसी भी तरह से जमीन दलालो पर कार्यवाही नही होने के कारण जमीन दलालों के हौसले बुलंद हो गए हैं,,
बालचरण साहू +917587762322





