
छत्तीसगढ धमतरी
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदोन्नति के बाद पदस्थापना में हुए भ्रष्टाचार के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने 2,723 उन शिक्षकों की पदस्थापना आदेश को निरस्त कर दिया है जिनकी पदस्थापना को संशोधित किया गया था।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ये कार्रवाई हुई है। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग इस मामले में भारी लेनदेन करके पदस्थापना करने के आरोप में रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बिलासपुर के संयुक्त संचालकों समेत 12 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित भी कर चुका है। इनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
वहीं मामल अभी शांत हुआ नहीं कि विभाग द्वारा एक बार फिर लेन देन के आरोप में घिरते नज़र आ रहे हैं जो की जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल पूरा मामला धमतरी जिला का है जहां पर शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति देने के एवज में मोटी रकम अपने उच्च अधिकारियों के नाम से लिए गए हैं।

शिक्षा सभी के लिए बेहद जरूरी है. आज के जमाने में आगे बढ़ने के लिए अच्छी शिक्षा और भी जरूरी है.
लेकिन भारत में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के लिए अब सभी अभिभावक तत्पर रहते हैं. सभी अभिभावकों की इच्छा होती है कि वे अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाएं. कई बार आर्थिक बाध्यताओं की वजह से अभिभावक ऐसा करने में नाकाम होते हैं और फिर जिंदगीभर उन्हें इसका मलाल रहता है।
. इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार ने एक योजना आरंभ की. इस योजना का नाम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना रखा गया ।
प्रदेश में कुल 171 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय खोले गए हैं. इन स्कूलों में करीब एक लाख 72 हजार गरीब बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त हो रही है. राज्य में 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल भी शुरू किए गए हैं. शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से 76 और नए अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए गए हैं।
राज्य सरकार के इस प्रयास का फायदा जिला मुख्यालयों और विकासखंड स्तर पर बड़ी संख्या में गरीब और कमजोर वर्ग के प्रतिभावान बच्चों को मिल रहा है. साथ ही इन स्कूलों में विश्व स्तरीय सुविधाएं दी जा ही हैं. ।
वहीं शासन की मंशा विपरीत संबंधित विभाग के कुछ कर्मचारी पदस्त अधिकारी के आड़ में प्रतिनियुक्ति देने कार्यमुक्त करने के लिए मोटी रकम की मांग की जाती है।
नाम न जाहिर करने के शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि इन शिक्षकों का स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में प्रतिनियुक्ति होना है इसमें से कुछ शिक्षकों को धमतरी जिला के अलावा अन्य जिलों में भी प्रतिनियुक्ति दी गई है लेकिन आलम यह है कि वर्तमान स्कूल से कार्यमुक्त करने मोटी रकम की मांग की जा रही है जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं।
वहीं इस संबंध में संबंधित विभाग का कहना है इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है शिकायत मिलने पर कार्यवाही किया जाएगा।
लेकिन प्रश्न यह भी है कि विभाग में पदस्थ कर्मचारी जो कार्यमुक्त करने के एवज में रकम मांगे हैं वो स्वयं अपने अधिकारी के आड़ लेकर रकम की मांग किए हैं। वहीं बताया गया कि यह राशि अधिकारी का नाम लेकर मांग गया है जो उन तक पहुंचता होगा।
बहरहाल देखना होगा कि मामले में क्या कार्यवाही की जाती है…?.??.?
चुनेश साहू 7049466638





