कवर्धा, कलेक्टर जनमेजय महोबे के निर्देश पर जय भोरमदेव ट्रेवल्स बस पर बड़ी कार्यवाही की गई है। जबकि उन्ही की तरह अन्य वाहन भी नियमों का उल्लंघन कर बहती हुई नाला से पार किए हैं जिसे आसानी से नगर में लगे सीसी टीवी कमरा से देखा जा सकता है पर आखिर क्यों सिर्फ इकलौता बस जय भोरम देव के ऊपर हुआ कार्यवाही यह मामला एक विषय बनकर रह गया है लोगों में अधिकारियों के प्रती दुआ भेद करने का आरोप लगाते हुए चर्चा का विषय बना हुआ है।
बस चालक व बस के ऊपर लगे आरोप पर हुई कार्यवाही कारण यह है कि जिले में कल भारी बारिश के दौरान कवर्धा पंडरिया मार्ग पर हरिनाला में पानी पूल के ऊपर से बहने और रास्ता नहीं दिखने के बाद भी जय भोरमदेव सर्विस के बस चालक द्वारा लापरवाही पूर्वक चलाते हुए यात्री बस को पुल से पार किया गया जो बिल्कुल सही है। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने इसकी जानकारी मिलने पर तत्काल संज्ञान में लेते हुए परिवहन अधिकारी मोहन साहू को निर्देश दिए कि इस विषय पर कार्यवाही करें जो कि मोटरयान अधिनियम के तहत परमिट शर्तो का उलंघन करती है।
जिस पर बस को जप्त कर कवर्धा थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा किया गया, वही बस चालक का ड्राइविंग लाइसेंस को आगामी तीन माह के लिए निलंबित किया गया है।
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया में वाहन चालक द्वारा यात्रियों की जान जोखिम में रखते हुए लापरवाही पूर्वक पानी से भरे पुल को पार किया जो घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
कलेक्टर ने मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी बस संचालकों को आवश्यक निर्देश देने कहा कि जिले के सभी बस संचालकों को निर्देशित किया गया है कि अधिक बारिश होने पर पूल के ऊपर बहते पानी में बस को पार नहीं कराए। ऐसी स्थिति में सभी बसें वस्तुस्थिति को ध्यान में रखते हुए नदी-नाला सामान्य स्थिति होने पर ही अपने वाहनों को पूल के पार कराए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उक्त निर्देशों का पालन नहीं करने या किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत् कार्यवाही की जाएगी व साथ ही चालक लायसेंस के निलम्बन की कार्यवाही की जाएगी।
लेकिन विषय यह है कि क्या सिर्फ एक ही बस ने इस तरह नियमों को तोड़ा है या फिर अन्य और बसें भी इसी प्रकार से नियमों को तोड़ने वाले बसें और भी जिनका दृश्य सीसी टीवी कैमरे से देखा जा सकता है, क्या इन बसों के ऊपर भी कार्यवाही होगी या फिर सिर्फ एक ही बस के ऊपर कार्यवाही कर पलड़ा झाड़ लेना उचित है जबकि अन्य बसों का भी विडियो वायरल हो रहा है।