0 सरपंच , पार्षद जिलापंचायत सदस्य ,सहित कई दावेदार शामिल
एडिटर इन चीफ, अजय जांगड़े
पंडरिया: विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अपनी कुर्सी बचाने के लिए तरह तरह का आयोजन किया जाता हैं । पूर्ववर्ती भाजपा सरकार विकास यात्रा के बहाने लोगो से मेल मुलाकात किया करते थे ठीक उसी तरह वर्तमान सत्तासीन कांग्रेस के तेज तर्रार मुख्यमंत्री भी कही भरोसे के सम्मेलन , तो कही पर संकल्प शिविर के बहाने चुनावी नैया पार लगाने के लिए सभा का आयोजन करते नजर आ रहे। 11 सितम्बर सोमवार को पंडरिया विधान सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री आ रहे है जहां पर विधायक ममता चंद्राकर के कार्यशैली के चलते पंडरिया विधान सभा का सीट कांग्रेस के हाथो से खिसकती नजर आ रही है जिसे बचाने और जिताऊ प्रत्यासी चयन करने संकल्प शिविर का रूप देकर बचाने की कोशिश करने आ रहे मुख्य्मंत्री ।
विधायक के कार्यशैली के चलते दावेदारों की लंबी कतार
विधान सभा चुनाव 2018 में कांग्रेस की घोषणा पत्र और चुनावी वादों के चलते पंडरिया विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 71 से ममता चंद्राकर ने लगभग 36 हजार वोट से जीत हासिल किया था पर उनकी कार्यशैली आम जनों और कार्यकर्ताओं को रास नही आ रहा है ।जिसके चलते आगामी विधानसभा चुनाव टिकट के लिए पार्टी के नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर किए है । टिकट वितरण के लिए बनाए गए नियमो के अनुरूप पंडरिया विधानसभा 71 में लगभग 55 कांग्रेस के समर्पित और निष्ठावानों ने अपनी दावेदारी पेश किए है ।
संकल्प शिविर से क्या वैतरणी पार लगेगी
पंडरिया विधानसभा के प्रथम महिला विधायक ममता चंद्राकर के काम काज को लेकर लोगो में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है । महिला विधायक होने के कारण सत्ता और संगठन में तालमेल नहीं बैठा पाया और गुटबाजी खुलकर सामने आया । विधायक को संगठन के नेताओं के सामने कई बार महत्व नही दिया गया जो मीडिया और सोसल मीडिया में भी खूब वायरल हुआ । जिसके चलते विधायक को लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती रही । उसी वजह से उन्हें टिकट नहीं मिलने की संभावनाएं बनती हैं ।
सरपंच,पार्षद जिला पंचायत सदस्य सहित कई दावेदार
कबीरधाम जिला में दो विधान सभा पंडरिया 71 और कवर्धा 72 आता है । वर्तमान में दोनो सीट कांग्रेस के हाथो में है। कवर्धा में वन मंत्री अकबर भाई विधायक है । उनका टिकट कटने का कोई संभावना दिखाई नही दे रहा है जिसके चलते जिला भर के कांग्रेस कार्यकर्ता पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे है। दावेदारी में वार्ड पार्षद, सरपंच ,जिला पंचायत सदस्य सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल है । सूत्रों की माने तो पैनल में सबसे उपर विधायक ममता चंद्राकर का नाम है । यदि हाइकमान गहन विचार करते है तो उनके कार्यशैली को लेकर उनका टिकट काट सकते है । कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला अध्यक्ष नीलकंठ (नीलू) चंद्रवंशी भी पिछले विधानसभा चुनाव से सक्रिय नजर आ रहे है लेकिन उनका मूल व्यवसाय ठेकेदारी है और उनके परिवार के लोगो के नाम से भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध क्रेशर मशीन संचालित था जिस पर लोगो की शिकायत पर सील करते हुए जुर्माना वसूला गया था और वर्तमान में बंद पड़ा है जिसके चलते उनकी छवि लोगो के बीच अच्छा नही है । पूर्व जनपद पंचायत पंडरिया अध्यक्ष तथा कांग्रेस के तेज तर्रार नेता अर्जुन तिवारी भी दौर में शामिल हैं। हाल ही में अर्जुन तिवारी के द्वारा पंडरिया विधानसभा के रणवीरपुर में भरोसे का सम्मेलन आयोजित किया गया था जो सफल कार्यक्रम भी था । यदि उन्हें कांग्रेस पार्टी प्रत्यासी घोषित करता है तो जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल कर सकते है। इनके अलावा पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य महेश चंद्रवंशी , युवा नेता आनंद सिंह, विष्णु साहू , पूर्व विधानसभा प्रत्यासी लाल जी चंद्रवंशी प्रमुख दावेदारों की चर्चा में है ।