
कार पार्किंग नीलामी में धांधली एवं षड्यंत्र पूर्वक सांठगांठ से भ्रष्टाचार करके लगातार नीलामी कराए जाने के संबंध में
गंगरेल बांध स्थित कार पार्किंग के निविदा हेतु खुली बोली किए जाने हेतु 16 11 2022 को नीलामी सूचना जारी कर निविदा आमंत्रित की गई थी जिसमें करीब 8 निविदा करता शामिल हुए थे विभाग द्वारा बोली की राशि न्यूनतम 40,000 प्रतिमा रखी गई थी जबकि पूर्व मे हुए ठेके 20020- 21 2021- 22 में हुए वाहन पार्किंग के निविदा में 89000 हजार प्रति माह की दर से पूर्व ठेकेदार से राजस्व राशि प्राप्त की गई इस प्रकार पूर्व के 2 वर्षों में अगर 89000 हजार प्रति माह में वाहन पार्किंग का ठेका दिया गया था तो इस वर्ष 10% बढ़ाकर लगभग 97000 हजार से बोली चालू होनी चाहिए थी जबकि ऐसा ना कर के अधिकारी ठेकेदारों से सांठगांठ कर शासन को राजस्व की हानि पहुंचाते हुए निविदा 40,000 हजार से चालू कर 45000 हजार में बंद कर अपने चहेते ठेकेदार को निविदा दे दिए
जबकि वर्ष 2013-14 एवं 2014- 15 मे बंद लिफाफे द्वारा निविदा का निष्पादन में आमंत्रित ठेकेदार द्वारा वर्ष 2013-14 में 1000000 दस लाख एक वर्ष की दर से निविदा दीया गया था एवं वर्ष 2014- 15 मे 1050000 दस लाख पचास हजार* एक वर्ष कि दर से निविदा दीया गया इस तरह पूर्व वर्षों में शासन को अधिक आमदनी प्राप्त हुई थी लेकिन वर्तमान में हो रहे लगातार भ्रष्टाचार के कारण राजस्व राशि की आमदनी घटकर आधी से भी कम रह गई है
वर्ष 2013 से 2015 तक की वाहनों का टिकिट दर मात्र
दुपहिया वाहन 5 / – रूपये
छोटी चार पहिया वाहन 10/- रूपये
मिनी बस 20 /- रूपये
बड़ी बस 25/- रूपये
था
वर्ष 2015से 2022 वर्तमान में वाहनों का टिकिट दर
दुपहिया वाहन 10/ – रूपये 200%
छोटी चार पहिया वाहन 50/- रूपये 500%
मिनी बस 100/- रूपये 500 %
बड़ी बस 200/- रूपये 800 %
है
जबकि वर्ष 2015 से वर्ष 2022 तक वाहनों के दर में 200 % से 800% बढ़ोतरी कर संबंधित ठेकेदार को फायदा पहुंचाने की नियत से टिकट दर बढ़ाकर शासन को प्राप्त होने वाले राजस्व राशि में गिरावट कार्यपालन अभियंता जल प्रबंध संभाग रुद्री कोड नंबर 38 द्वारा किया जा रहा है एवं राजस्व राशि घटते क्रम में लिया जा रहा है इस तरह भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम चल रहा है
31 /10/2022 आमंत्रित निविदा में की गई नीलामी उच्चतम 66000 हजार प्रति माह की दर से प्राप्त किए हुए ठेकेदार की निविदा संबंध में शिकायत होने के बाद 31- 10 — 2022 को हुए निविदा को रद्द किया गया जबकि उक्त निविदा में 66000 हजार प्रति माह उच्चतरराशि भरकर ठेकेदार ने निविदा प्राप्त किया था अन्य ठेकेदारों द्वारा भ्रष्टाचार तरीके से निविदा दिए जाने की शिकायत पर निविदा निरस्त करके संशोधित नीलामी सूचना का इश्तिहार अखबार द्वारा प्रकाशित कर पुनः निविदा की कार्यवाही की गई फिर महज 20 दिनों में निविदा राशि में 21000 इक्काई हज़ार रुपए गिरावट कर शासन के राजस्व राशि में नुकसान कराया गया एवं पूर्व में 66000 हजार उच्चतर निविदा राशि होने के बावजूद 45000 हजार न्यूनतम की बोली को स्वीकृत कर विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदार से सांठगांठ कर पुनः फिर से भ्रष्टाचार करके ठेका दे दिया गया इसमें बड़ा भ्रष्टाचार का बोलबाला है
यहां आमदनी के स्रोत बढ़ाने की जगह पुराने बने बनाए स्रोतों को एक प्रकार से बंद ही किया जा रहा है
उक्त निविदा में नियम एवं शर्तें बताकर बिना स्टीमेट के वाहन पार्किंग स्थल समतलीकरण एवं तार फीनेसिंग निर्माण कार्य नियम विरुद्ध करके भ्रष्टाचार तरीके से कार पार्किंग निविदा प्राप्त किए ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया
22/11/2022 के आमंत्रित निविदा में उच्चतम बोली 300000 तीन लाख प्रति माह बोले जाने के बावजूद प्रतिमाह 45000 हजार कि दर से नियम विरुद्ध बोली पुनः 45000 पैतालिश हजार प्रति माह करके ठेकेदार को निविदा प्रदान किया गया इस प्रकार ठेकेदार भी शासन को राजस्व हानि पहुंचाते हुए रीम बनाकर उपरोक्त निविदा में शामिल सभी 7 प्रतिभागी ठेकेदारों एवं अधिकारी कर्मचारियों से सांठगांठ कर राशि बांटकर भ्रष्टाचार तरीके से निविदा प्राप्त किए हैं ठेकेदार के बैंक खाते की जांच करा कर निविदा प्राप्त किए ठेकेदार पर सख्त से सख्त कार्यवाही कर निविदा रद्द करने की मांग शासन से है
इस तरह उपरोक्त निविदा में की गई नीलामी नियम के विरुद्ध एवं पारदर्शी नहीं की गई
पिछले 7 वर्ष में प्रति वर्ष 10% निविदा राशि बढ़ते क्रम में
ना करके शासन को प्राप्त होने वाले राजस्व राशि में प्रति वर्ष 1000000/- दस लाख रुपए की हानि कराकर भ्रष्टाचार तरीके से ठेकेदार को फायदा पहुंचाया जा रहा है
भ्रष्ट तरीके से जो निविदा प्राप्त किया है उसकी निविदा को तत्काल रद्द किया जाए कार्यपालन अभियंता जल प्रबंध संभाग रुद्री कोड नंबर 38 को तमाम घोटालों की न सिर्फ जानकारी है बल्कि ठेकेदारों की इन घोटालों में उनकी भी मिलीभगत है जिसके चलते शासन को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। उपरोक्त नीलामी की निविदा को निरस्त कर नए सिरे से बंद लिफाफे में आमंत्रित करके निविदा कराई जाए
अगर अधिकारियों द्वारा मेरे द्वारा किए गए शिकायत पर कार्यवाही नहीं की जाती तो (पी आई एल) जनहित याचिका लगाकर हाई कोर्ट से अपील करूंगा एवं समस्त दस्तावेजों के साथ न्यायालय में उपस्थित होऊंगा।
चुनेश साहू 7049466638





