छत्तीसगढ /कबीरधाम : पंडरिया से कवर्धा पहुंच मार्ग जो राष्ट्रीय राज मार्ग हैं सड़क के किनारे लगे पेडों को प्रापर्टी डीलर लोग अपने फायदे के लिए पेड़ों को बिना अनुमति काट दिए जा रहे हैं ,
वही ऐसे जमीन मालिक खेतों या प्लाट के सामने पेड़ है पहले उसे सूखा लेते हैं फिर धीरे धीरे उसको काट कर अपने उपयोग या विक्रय कर राजस्व भी कमा लेते हैं । विभाग की इस अनदेखी कृत्यों से सरकार को लाखों की राजस्व हानि तो हो रही है लेकिन पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है सवाल ये उठता है किआखिर क्यों विभाग मौन साध कर बैठी हुई है ।
भारत सरकार सहित छत्तीसगढ शासन की भी यही सोच है की हमारा देश की पर्यावरण संतुलित रहे बढ़ती हुईजनसंख्या को देखते हुए आक्सीजन की जरूरत के लिए करोड़ों रुपए लागत से पेड़ लगाने व पेड़ बचाने हेतु खर्च किया जाता है पर जिम्मेदार अधिकारी सहित विधायक, मंत्री पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंतित दिखाई नहीं पड़ रहें हैं। वही सबसे बड़ी बात यह है कि खबर उस क्षेत्र की है जहां वन एवं पर्यावरण मंत्री की है , अब देखना यह होगा कि क्या इस खबर के लगने से संबंधित विभाग के अधिकारी अपने नींद से उठ पाते हैं या नहीं ।
क्या ऐसे लोगों की प्रति कार्यवाही को लेकर विभाग कुछ ठोस कदम उठाएगी या फिर उन प्रापर्टी डीलरों की हौसले बुलंद करने को करेंगे सहयोग।