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बालोद: NHM कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर AAP ने सरकार को चेतावनी दी, 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और मांगें पूरी करने की मांग

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**बालोद,

 

आम आदमी पार्टी (AAP) ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही हड़ताल का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है। पार्टी के जिला बालोद इकाई ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 25 बर्खास्त कर्मचारियों की तत्काल बहाली, हड़ताल अवधि का पूरा वेतन भुगतान और कर्मचारियों की 10 मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। AAP ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी और स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव करेगी।

 

: 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन,

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 18 अगस्त 2025 से NHM के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी 10 मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इन मांगों में मुख्य रूप से कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और कार्यस्थिति सुधार शामिल हैं। हड़ताल के दौरान सरकार ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिसके विरोध में लगभग 16,000 NHM कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इससे प्रदेशभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं, और मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। NHM कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर उन्हें सेवा से बाहर कर रही है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति असंवेदनशीलता का प्रतीक है।

 

AAP के जिला अध्यक्ष बालक सिंह साहू ने कहा, “छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही लचर हालत में है। NHM कर्मचारी जो सेवाओं को चला रहे हैं, उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय सरकार उन्हें बर्खास्त कर रही है। यह जनता के साथ धोखा है।” उन्होंने भाजपा सरकार पर घोषणा पत्र के वादों से मुकरने का भी आरोप लगाया। भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने के 100 दिनों के अंदर एक कमेटी गठित कर सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाएगा, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। पार्टी ने मांग की है कि ‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत के बजाय हड़ताल अवधि का पूरा वेतन भुगतान किया जाए।

 

ज्ञापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालोद को सौंपते समय AAP के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इनमें जिला अध्यक्ष बालक सिंह साहू, छाया विधायक जसवंत सिन्हा, पूर्व जिला अध्यक्ष मधुसूदन साहू, जिला सचिव कैलाश बंजारे, RTI विंग के जिला अध्यक्ष रोहित साहू, जीतेंद्र देशलहरे, किरण साहू और रोशन साहू शामिल थे। ज्ञापन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को संबोधित किया गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर CMHO को सौंपा गया।

AAP का समर्थन और आंदोलन की चेतावनी

आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह NHM कर्मचारियों के संघर्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पार्टी ने सरकार से अपील की है कि बर्खास्त 25 कर्मचारियों की तुरंत बहाली की जाए और सभी मांगों पर विचार किया जाए। यदि सरकार ने जल्द ही कदम नहीं उठाए, तो AAP प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की योजना बना रही है, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव भी शामिल है। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और कर्मचारियों के हक के लिए उठाया जा रहा है।

 

 

स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव: जनता की परेशानी बढ़ी

हड़ताल के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो चुकी हैं। टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं में कमी आई है, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि NHM कर्मचारियों का नियमितीकरण न केवल उनकी मांग है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य नीति को मजबूत करने का जरूरी कदम भी है। AAP का यह ज्ञापन राज्य सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास है, जो आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

 

स्थानीय निवासियों ने AAP के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे कर्मचारियों की मांगें पूरी होंगी तथा स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होंगी। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन मामला अब विधानसभा स्तर पर उठ सकता है।

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