
ग्राम चिखलाकसा में निर्माण कार्यो में चल रहा है धांधली । कर रहे भ्रष्टाचार
सरपंच पति खुद सरपंच बनकर करता है पंचायत का देख रेख
सरपंच सचिव की मनमानी से ग्रामीण है परेशान
राजनांदगाँव जिले के ग्राम पंचायत चिखला कसा में सरपंच पति और सचिव बिना पंचों और जनप्रति निधि को जानकारी दिए बेगैर ग्राम पंचायत प्रस्ताव करवा लेते है हस्ताक्षर।
आपको बता दे कि वर्षों से निर्माण कार्य अधर पे लटका है पर राशि आहरण कर आज कार्य पूर्ण नही हो पाया ।
साथ ही ग्राम सभा में बिना दस्तावेज के सचिव और सरपंच ग्राम सभा लेने पहुंचे और ग्रामीणों को हिसाब नहीं दे पाए ग्राम सभा बैठे ग्रामीण और पंच नाराज होकर ग्राम सभा से उठकर ग्राम सभा का बहिष्कार किया पंचायत में विकास कार्यो के लिए करोड़ों रुपए सरकार देती है जिससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि सरकार द्वारा दिए रुपयों को अपना समझ कर अपना समझ लेते हैं और पंचायत में आए फंड को डकारने में लगे रहते है चाहे सरकार की नुकसान हो या जनता की उससे उनको कोई मतलब नही होता । क्या फर्क पड़ता है ।
ऐसा ही एक मामला हम आपको बता दें कि राजनांदगांव जिले के छूरिया जनपद पंचायत के ग्राम चिखलाकसा का जहां सरपंच अनिला सलामे तो है पर पूरा काम सरपंच पति कमलेश सलामे देखता है।
ग्राम पंचायत में 18 पंच है लेकिन किसी को आय व्यय की जानकारी नही ग्राम विकास के लिए आए स्वीकृत राशि की जानकारी नहीं दिया जाता ।पंचों ने ये भी आरोप लगाया कि चपरासी के हाथों रजिस्टर और प्रस्ताव कॉपी घर भेजकर दस्खत करवा लेते है वहीं ग्रामीणों ने बताया कि शासकीय हाई स्कूल के पास लगभग तीन लाख रु की लागत से साइकिल स्टैंड का निर्माण हो रहा है जिस पर सरपंच स्कूल के प्राचार्य को जानकारी नहीं दिए ।
और लगभग 1 इंच बेस नहीं ना ही मिट्टी में पानी डाला गया मटेरियल भी गुडवत्ता हीन जिससे निर्माण कार्य पूर्ण होने की स्थिति से पहले जर्जर होने की स्थिति है ।
वहीं सार्वजनिक शौचालय की बात करें तो 1 वर्ष हो गए पर आज भी शौचालय के निर्माण कार्य अधर पर लटकी हुई है शौचालय की राशि निकाल कर डकार चुके सरपंच सचिव ।
वहीं सरकार की महत्वकांक्षी योजना की बात करें तो भगवान भरोसे है इस गोठान में चारे के नाम पर लगभग 40000 रु आहरण हो चुका है पर 10000 रु तक की लायक नही चारे इतनी खराब है कि मवेशी भी नहीं खा रहे हैं। गोठान में किसी भी प्रकार से आहाता निर्माण नही किया गया ना ही गेट लग पाया मिली जानकारी के अनुसार गेट के लिए राशि आयी थी पर राशि सचिव डकार गया । इन्ही सब हरकतों से गौठान समिति ने गौठान का काम छोड़ दिया है अब गौठान का देख रेख करने चिखलाकसा पंचायत में कोई समिति सामने नही आ रही है ।
शासन की योजनाओं को और ग्राम पंचायत में क्या जरूरत है इसके लिए ग्राम सभा की बैठक की जाती है ताकि ग्रामवासी की राय मशवरा के ग्राम का विकास कर सके लेकिन ग्राम पंचायत चिखलाकसा सबसे अलग है यहां सब कुछ सरपंच पति और सचिव सेटिंग करता है कभी किसी पंचों से भी कोई राय नहीं लेते जिससे सभी पंचों ने नाराजगी बनी हुई है , हाल ही में जनपद पंचायत के आदेशानुसार 1 ग्राम सभा की बैठक रखी गई जिसमें बिना दस्तावेज की बैठक में आए वही ग्रामीणों ने 13 वे 14 वे और 15 वे वित्त के साथ ही कोविड 2020 – 2021 के समय ग्राम पंचायत में क्या क्या वितरण किये कितने खर्च किये ।
इसकी जानकारी जनता जनार्दन और पंचों को नही ।
निर्माण कार्यो की स्वीकृति आई और क्या नया कार्य योजना बनी और नलजल स्थिति में सुधार क्यो नही आई इस सब के सवाल पर बहस के साथ जवाब सरपंच पति कमलेश सलामे ग्रामीणों को देते रहे लेकिन संतुष्ट जवाब ग्रामीणों को नही मिली जिसके कारण ग्राम सभा पूरी तरह सम्पन्न नही हो पाया ।
वही 14 वित्त की राशि से कोई कार्य नही हो पाया और नलजल योजना अंतर्गत पेय जल पर पानी टँकी की निर्माण कार्य मे पानी किल्लत ऐसे में भीषण गर्मी में जनता का क्या हाल ये सोचने वाली बात है ।
ग्राम चिखलाकसा वार्ड 6 में 07/02/2022 से हैंड पम्प खराब पड़ी है जिसकी सूचना सरपंच को कईं बार दिया जा चुका है पर आज पर्यंत तक नही बन पाया ।
ग्राम पंचायत की आश्रित ग्राम उच्चईपुर में सौर ऊर्जा सोलर पंप लगा हुआ ओ भी खराब की स्थिति में आ पहुची है जिसमे प्रयाप्त मात्रा में पानी नही मिल पाता जिसको लेकर ग्रामीणों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।
इन सभी चीजों को लेकर सरपंच और सचिव से नाराज ग्रामीण ग्रामपंचायत से बाहर निकलने लगे तभी ग्रामीणों ने संपूर्ण दस्तावेज और जानकारी पूरी लाये इसके लिए 25 अप्रैल का समय दिया गया है नही तो सरपंच व सरपंच पति और सचिव की शिकायत आला अधिकारियों से करने की बात कही है ।





