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जामड़ी पाटेश्वर धाम विवाद को लेकर सर्व आदिवासी समाज का कलेक्टोरेट घेराव, बैरिकेड तोड़ परिसर तक पहुंचे प्रदर्शनकारी

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बालोद। जामड़ी पाटेश्वर धाम से जुड़े विवाद और विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में लोग बालोद जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टोरेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ दिया और कलेक्टर परिसर तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प भी हुई।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा कई प्रयास किए गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए फायर ब्रिगेड की मदद से पानी की तेज धार का उपयोग किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर परिसर में डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।

सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। समाज के लोगों का कहना था कि उनकी मांगों और आपत्तियों के बावजूद जामड़ी पाटेश्वर धाम से जुड़े मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण उन्हें कलेक्टोरेट का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने जामड़ी पाटेश्वर धाम के संचालक बाबा राम बालक दास महात्यागी पर कई गंभीर आरोप लगाए। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्राम तुएगोंदी के संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध कब्जा किया गया है तथा आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके अलावा वन कानूनों के उल्लंघन और आदिवासी समाज के लोगों को प्रताड़ित किए जाने के भी आरोप लगाए गए।

सर्व आदिवासी समाज ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में स्वीकृत कई निर्माण कार्यों को नियमानुसार गांव में कराए जाने के बजाय जामड़ी पाटेश्वर धाम में कराया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। समाज के पदाधिकारियों ने इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की चर्चा हुई। समाज की ओर से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। लंबी बातचीत के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।

हालांकि शाम तक बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर परिसर में मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाते रहे। प्रदर्शन के कारण पूरे दिन कलेक्टोरेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में गहमागहमी का माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

सर्व आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाज के नेताओं का कहना है कि आदिवासी समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सर्व आदिवासी समाज द्वारा पूर्व में ही कलेक्टोरेट घेराव की चेतावनी दी गई थी। इसी के तहत सोमवार को जिलेभर से बड़ी संख्या में समाज के लोग बालोद पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन को स्थगित किया गया है, लेकिन समाज ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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