

पण्डरिया। बकेला एवं क्रांति फीडर नहर योजना के अंतर्गत ग्राम बकेला से सेमरकापा माईनर तक बनाई गई नहर लाइनिंग अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग ने उनकी निजी भूमि पर बिना सहमति, बिना नोटिस और बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए नहर निर्माण कार्य करा दिया, लेकिन आज तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। नाराज किसानों ने मंगलवार को कलेक्टर कबीरधाम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल न्याय दिलाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों में पुरुषोत्तम पनिका, प्रेम साहू, खोरबहरिन साहू, रामलाल साहू, जलेश्वर जायसवाल, संजय सोनी, कमला बाई जायसवाल, कांति सोनी सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। किसानों ने बताया कि पण्डरिया पटवारी हल्का नंबर 36 के वार्ड क्रमांक 01, 16 और 17 स्थित उनकी निजी कृषि भूमि पर विभाग द्वारा नहर लाइनिंग का कार्य पूरा कर लिया गया, जबकि भूमि अधिग्रहण की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने पहले किसी प्रकार की सूचना नहीं दी और न ही किसानों की सहमति ली गई। अचानक मशीनें पहुंचीं और खेतों के बीच से नहर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि कई किसानों की उपजाऊ भूमि प्रभावित हुई है, जिससे उनकी खेती और आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर मुआवजा दिलाने की मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। अब तक किसी भी किसान को एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इससे किसानों में भारी नाराजगी है।
ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत प्रभावित किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा एवं विलंब अवधि का ब्याज दिया जाना चाहिए। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी की जाए।
इस मुद्दे को लेकर किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव अतुल बरगाह ने भी किसानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन बिना सहमति अधिग्रहित करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। यदि किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए किसानों के हित में त्वरित निर्णय लेने की मांग की।
किसानों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि एसडीएम पण्डरिया, जल संसाधन विभाग के एसडीओ तथा विधायक भावना बोहरा को भी भेजी गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।





