
*सेवा पुस्तिका ऑडिट लंबित, शिक्षकों ने त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई*
*शिक्षकों की सेवा पुस्तिका ऑडिट के लिए एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन*

छत्तीसगढ़ टीचर्स
एसोसिएशन ने प्रदेश के करीब 1.20 लाख एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के लंबित ऑडिट को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के संचालक तथा कोष लेखा एवं पेंशन संचालक को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन ने सेवा पुस्तिका का समयबद्ध और त्रुटिरहित ऑडिट कराने की त्वरित मांग की है, क्योंकि यह शिक्षकों के भविष्य, पदोन्नति, वेतनमान और पेंशन के लिए आवश्यक है। एसोसिएशन के
धमतरी जिलाध्यक्ष डॉ भूषण लाल चंद्राकार, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक, प्रांतीय महिला प्रतिनिधि सविता छाटा, जिला महिला प्रकोष्ठ प्रभारी बी यदु, जिला सचिव बलराम ताराम, कोषाध्यक्ष रामदयाल साहू, ब्लॉक अध्यक्ष गण धमतरी गेवाराम नेताम, नगरी शैलेंद्र कौशल, कुरूद दिनेश साहू, मगरलोड रमेश यादव ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत शिक्षकों या डीडीओ को सेवा पुस्तिका लेकर संभागीय कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय जाना पड़ता है। इससे शिक्षकों को गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर ऑडिट प्रक्रिया को गति देने के नाम पर अनुचित आर्थिक सहयोग की अपेक्षा भी की जाती है।
शिक्षकों ने मांग की है कि धमतरी जिले के धमतरी, नगरी, कुरूद, मगरलोड सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालयों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएं,
ताकि शिक्षकों को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
ज्ञापन में संविलियन पूर्व की सेवा अवधि का ऑडिट स्थानीय निधि संपरीक्षा के माध्यम से तथा संविलियन के बाद की अवधि का ऑडिट कोष लेखा एवं पेंशन विभाग से कराने की मांग की गई है, ताकि तकनीकी बाधाएं न आएं। प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा और जिलाध्यक्ष डॉ भूषण लाल चंद्राकार, जिला उपाध्यक्ष गण नंद कुमार साहू, डॉ. गणेश प्रसाद साहू, तीरथराज अटल, नारद राम बघेल, जिला महासचिव डॉ. आशीष नायक, कैलाश प्रसाद साहू, राहुल नेताम, कैलाश सोन,हरीश साहू कौशल चंद्राकर, टीकम सिन्हा, तोमल साहू, अशोक साहू, लोमस साहू, उत्तम साहू, शेषनारायण साहू सहित पदाधिकारियों ने बताया कि ऑडिट लंबित रहने के कारण एरियर भुगतान और सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन निर्धारण के मामले अटके हुए हैं, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सेवा पुस्तिका का समय पर और त्रुटि रहित ऑडिट होना शिक्षकों के भविष्य के लिए बेहद अनिवार्य है। सेवा पुस्तिका के ऑडिट को पूर्णतः निशुल्क एवं पारदर्शी बनाया जाए ताकि शिक्षकों को किसी प्रकार का मानसिक एवं आर्थिक तनाव ना झेलना पड़े।
*डॉ भूषण लाल चंद्राकार*
*जिला अध्यक्ष*
*छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला शाखा धमतरी*





