

कवर्धा। प्रदेश में आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक अनुसंधान व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात मिली है। जिले को अत्याधुनिक “सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट” के तहत मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है, जिसका शुभारंभ क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला परिसर, जनपद कॉम्पलेक्स कवर्धा में जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर किया गया।
यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अब पुलिस टीम घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने, प्रारंभिक परीक्षण करने और तकनीकी जांच करने में सक्षम होगी। इससे गंभीर अपराधों की जांच में तेजी आएगी और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत आधार मिलेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पुलिस विभाग को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन अपराध जांच के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। इसके माध्यम से घटनास्थल पर ही भौतिक साक्ष्यों का संग्रहण, वैज्ञानिक परीक्षण और डिजिटल जांच की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे अपराधों की जांच अधिक पारदर्शी और सटीक बनेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह विभाग द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी पहल के तहत कबीरधाम जिले को यह हाईटेक मोबाइल यूनिट उपलब्ध कराई गई है, जो आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था को नई दिशा देगी।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। वक्ताओं ने कहा कि अब घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल साक्ष्यों का प्राथमिक विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण किए जा सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और अपराधों के त्वरित निराकरण में मदद मिलेगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई बार गंभीर अपराधों में शुरुआती साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में यदि घटनास्थल पर तुरंत वैज्ञानिक जांच हो जाए तो जांच की गुणवत्ता और सफलता की संभावना बढ़ जाती है। मोबाइल फॉरेंसिक वैन इसी उद्देश्य को पूरा करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार वैज्ञानिक अनुसंधान आधारित जांच प्रणाली अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक उपकरणों से लैस यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी, जिससे हत्या, चोरी, साइबर अपराध, दुर्घटना और अन्य जटिल मामलों की जांच अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
संयुक्त संचालक आरडी अहिरवार ने बताया कि यह मोबाइल यूनिट आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक संसाधनों से सुसज्जित है। इसमें साक्ष्य संग्रहण, फोटोग्राफी, डिजिटल परीक्षण, फिंगरप्रिंट जांच और अन्य तकनीकी जांच से जुड़े संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस टीम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अपराध अनुसंधान में तकनीकी दक्षता को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन के शुभारंभ को लेकर जिले में उत्साह का माहौल देखा गया। लोगों का मानना है कि आधुनिक तकनीक आधारित यह पहल अपराध जांच व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों का कानून व्यवस्था पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा।





