
छुईखदान में पुलिस-परिवहन विभाग की संयुक्त पहल, लर्निंग लाइसेंस से लेकर HSRP तक की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई,
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) में आम नागरिकों को राहत देने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। थाना छुईखदान परिसर के सामने आयोजित एक दिवसीय आरटीओ पेपर अपडेट शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अपने वाहन संबंधी दस्तावेज मौके पर ही बनवाकर सुविधा का लाभ उठाया।
इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को परिवहन कार्यालय के चक्कर काटने से बचाना और उन्हें एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना था। शिविर में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली, जहां वाहन मालिक अपने दस्तावेजों को अपडेट कराने के लिए उत्साहपूर्वक पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 254 लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया। इनमें सबसे अधिक संख्या लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों की रही, जो 165 रही। इसके अलावा 26 लोगों ने वाहन बीमा, 37 लोगों ने प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) तथा 26 लोगों ने HSRP नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर मौके पर ही दस्तावेज प्राप्त किए।
शिविर के दौरान केवल दस्तावेज बनाने की ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी विशेष ध्यान रखा गया। यातायात पुलिस की टीम ने उपस्थित नागरिकों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने की सख्त सलाह दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का आयोजन इसलिए किया जा रहा है ताकि आमजन को समय और धन दोनों की बचत हो सके। साथ ही, जिन लोगों के वाहन दस्तावेज अधूरे हैं, वे उन्हें आसानी से पूर्ण कर सकें, जिससे यातायात नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित हो सके।
शिविर में आए नागरिकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहले छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन इस शिविर के माध्यम से उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल गईं, जो अत्यंत लाभकारी साबित हुई।
पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन लगातार किया जाएगा। उनका मानना है कि इस पहल से न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम एवं सुरक्षित बन सकेगी।





