
होटल-लॉज संचालकों की बैठक
कबीरधाम (छत्तीसगढ।)
दिनांक: 14 अप्रैल 2026
कबीरधाम।
जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कबीरधाम पुलिस ने होटल, लॉज एवं ढाबा संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए और डिजिटल निगरानी प्रणाली “समाधान एप्प” के उपयोग को अनिवार्य रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
यह बैठक पुलिस अधीक्षक (IPS) के निर्देशानुसार आयोजित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ने संचालन किया। बैठक में जिलेभर के होटल, लॉज और ढाबा संचालकों की उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने स्पष्ट रूप से निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी होटल या लॉज में कोई विदेशी नागरिक ठहरता है, तो उसकी संपूर्ण जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भरकर तत्काल संबंधित थाना में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही इस जानकारी को “समाधान एप्प” में भी दर्ज करना आवश्यक होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए। कहा गया कि बिना वैध पहचान पत्र एवं उचित जांच के किसी भी नाबालिग बालक या बालिका को कमरे उपलब्ध न कराए जाएं। हाल ही में जिले में हुई एक संवेदनशील घटना का उल्लेख करते हुए अधिकारियों ने संचालकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की हिदायत दी।
सभी संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि होटल या लॉज में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान पत्र की अनिवार्य जांच की जाए और उनका पूरा विवरण रजिस्टर में सही तरीके से दर्ज किया जाए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना को देने पर जोर दिया गया, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में “समाधान एप्प” के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह एप्प होटल एवं लॉज संचालकों के लिए एक उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से वे अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रूप से दर्ज कर सकते हैं। एप्प के जरिए अतिथि का नाम, पता, पहचान विवरण, आगमन और प्रस्थान की तिथि सहित अन्य जरूरी जानकारी अपलोड की जा सकती है, जिससे पुलिस को रियल टाइम में सूचना प्राप्त होती है।
इस डिजिटल प्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि पुलिस और संचालकों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
ढाबा संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी सार्वजनिक स्थल या ढाबे में अवैध रूप से शराब परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है। यदि कहीं इस प्रकार की गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में होटल और लॉज में ठहरने वाले व्यक्तियों का सटीक रिकॉर्ड रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है, क्योंकि कई बार असामाजिक तत्व इन स्थानों का उपयोग छिपने या अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए करते हैं। ऐसे में संचालकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी सूचना को छिपाने के बजाय तुरंत साझा करें।
बैठक में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक, डीएसबी प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जिले के सभी होटल, लॉज एवं ढाबा संचालक मौजूद रहे।





