
धमतरी के ग्राम मेघा में हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आया मिस्त्री, मौके पर ही दर्दनाक मौत
जिम्मेदार विभाग के कार्यशैली पर सवाल…?.?.?.
चुनेश साहू । धमतरी
जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेघा में दिनांक 18 मार्च बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन मकान की छत पर काम कर रहे मिस्त्री की हाई-टेंशन बिजली तार से करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 26 वर्षीय चुम्मन साहू (निवासी ग्राम अरौद) के रूप में हुई है।
घटना के अनुसार, चुम्मन साहू मकान पर पाइप फिटिंग का काम कर रहे थे। जैसे ही वे ऊंचाई पर पहुंचे, उनके शरीर का सीधा संपर्क हाई-टेंशन लाइन से हो गया। करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे गंभीर रूप से झुलस गए और तत्काल दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मकान के ठीक ऊपर से गुजर रही बिजली की हाई-टेंशन लाइन अत्यंत खतरनाक थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अतिक्रमण पर सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों पर उंगली
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह मकान सिंचाई विभाग की नाली पर अवैध अतिक्रमण कर बनाया जा रहा था। ग्राम सचिव और हल्का पटवारी को नए अतिक्रमण की सूचना तुरंत तहसीलदार को देनी होती है, ताकि तत्काल स्थगन आदेश जारी कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा सके, किंतु दोनों निम्न ग्राम स्तर के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। पंचायत स्तर पर भी कोई रोक-टोक नहीं हुई। आश्चर्य की बात यह है कि सिंचाई विभाग की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर विभाग की चुप्पी गंभीर सवालों को जन्म देती है?
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ग्राम मेघा समेत आसपास के इलाकों में सरकारी भूमि, चरागाह, सड़क, नहर और नाली पर बिना किसी रोक-टोक के अतिक्रमण हो रहे हैं। शिकायत करने पर उल्टा शिकायतकर्ता को तहसील में पेशी पर बुलाकर परेशान किया जाता है, जबकि अतिक्रमणकर्ताओं से कथित रिश्वत लेकर मामले दबा दिए जाते हैं। पटवारी अक्सर कहते हैं कि कोई शिकायत नहीं आई, तो कार्रवाई क्यों करे , जबकि शासन के स्पष्ट आदेश के मुताबिक ग्राम स्तर पर नए अतिक्रमण के लिए पटवारी और सचिव सीधे जिम्मेदार हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इनमें से कोई भी अधिकारी अपना फर्ज निभाता, तो चुम्मन साहू की जान बच सकती थी। अब पूरे मामले में लीपा-पोती की जा रही है और विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग, राजस्व व पंचायत के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
पहले भी कथित भ्रष्टाचार के आरोप
बताया जाता है कि मगरलोड तहसीलदार पर पहले भी राजस्व न्यायालय के दुरुपयोग और अन्य गंभीर मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिनकी शिकायत विधानसभा तक पहुंच चुकी है और जांच चल रही है।
धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण का मुद्दा पहले भी छत्तीसगढ़ विधानसभा में गरमा चुका है। यदि इन गैरकानूनी निर्माणों पर तत्काल अंकुश नहीं लगाया गया, तो भविष्य में ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।
प्रशासन से स्थानीय लोगों की मांग है कि यह महज़ एक हादसा नहीं सुनियोजित प्रशासनिक हत्या है। जिसमें अतिक्रमणकर्ता के साथ साथ राजस्व, पंचायत, सिंचाई व विद्युत् विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी को आरोपी बनाते हुए गैर इरादतन हत्या का प्रकरण बनाकर सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाए, ताकि ऐसी अनहोनी दोबारा न हो।
चुनेश साहू 7049466638





