
आग्रसेन कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. मीरा साहू को पीएचडी उपाधि
दुर्ग। आग्रसेन कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत डॉ. मीरा साहू को भारती विश्वविद्यालय दुर्ग से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने समाजशास्त्र विभाग में ‘दुर्ग विकास संकेतों के संदर्भ में स्व-सहायता समूहों की भूमिका’ विषय पर शोध पूरा किया। यह उपलब्धि विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. स्नेह कुमार मेश्राम के मार्गदर्शन में हासिल की गई।डॉ. मीरा साहू का शोध ग्रामीण विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसमें स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) की भूमिका को दुर्ग जिले के विकास संकेतों के संदर्भ में विश्लेषित किया गया है। शोध से पता चलता है कि ये समूह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से, दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों में एसएचजी ने गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। शोध में आंकड़ों के आधार पर सिफारिशें दी गई हैं, जो सरकारी नीतियों को प्रभावित कर सकती हैं।डॉ. मीरा साहू ने बताया, “यह शोध मेरे जिले के ग्रामीण विकास को मजबूत करने का प्रयास है। स्व-सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं।” उनके पति योगेंद्र कुमार साहू, परिवार, सहकर्मियों और शुभचिंतकों के सहयोग से यह सफलता मिली। आग्रसेन कॉलेज के प्राचार्य ने बधाई देते हुए कहा कि डॉ. साहू का यह कार्य संस्थान का गौरव बढ़ाएगा।यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। भारती विश्वविद्यालय ने विवि परीक्षा विभाग द्वारा वाइवा-voce के बाद उपाधि प्रदान की। डॉ. मीरा अब कॉलेज में छात्रों को समाजशास्त्र पढ़ाने के साथ शोध कार्य जारी रखेंगी।





