
समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में हुई चर्चा, दोनों राज्यों के विकास, पर्यटन, औद्योगिक नीति और आंतरिक सुरक्षा सहयोग पर हुई सार्थक बातचीत
भोपाल/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान रविवार की शाम मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में आयोजित की गई, जहां दोनों नेताओं ने आत्मीयता और सद्भाव के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श किया।
मुख्यमंत्री साय और डॉ. मोहन यादव के बीच यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दो पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग, विकास और आपसी समझ को गहराने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, भौगोलिक और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए यह बैठक रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
चर्चा के मुख्य बिंदु सूत्रों के अनुसार बैठक में निम्न मुद्दों पर चर्चा हुई— सीमा क्षेत्रों के विकास एवं कनेक्टिविटी सुधार औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप एवं IT सेक्टर में सहयोग पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए नई मार्ग योजना नक्सल प्रभावित जिलों में संयुक्त सुरक्षा रणनीति वन एवं जल संसाधनों के संरक्षण पर साझा प्रयास बताया जा रहा है कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति और व्यापार में एक मजबूत साझेदारी विकसित कर सकते हैं।
संस्कृति एवं पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
चर्चा के दौरान दोनों राज्यों के धार्मिक पर्यटन सर्किट को जोड़ने पर भी विचार हुआ। इसमें अमरकंटक, खजुराहो, चित्रकूट, रतनपुर और डोंगरगढ़ जैसे महत्वपूर्ण आस्था स्थलों को एक संयुक्त पर्यटन मार्ग से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
औद्योगिक नीति पर भी हुई सार्थक बातचीत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई औद्योगिक नीति के तहत छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी दी और कहा कि दोनों राज्यों के बीच लॉजिस्टिक्स, कृषि-आधारित उद्योग, खनिज और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए संयुक्त मंच बनाने के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार व्यक्त किया।
मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न
बैठक के बाद दोनों मुख्यमंत्रियों ने इसे सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और भावी सहयोग के लिए प्रेरक बताया। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
भविष्य में और बढ़ेगा सहयोग
इस मुलाकात को छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के रिश्तों में नई दिशा देने वाली बैठक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दोनों राज्यों के बीच— संयुक्त सांस्कृतिक आयोजन , व्यापारिक सम्मेलन , सुरक्षा सहयोग बैठकें , पर्यटन विकास समझौते जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं
यह मुलाकात क्षेत्रीय सहयोग, विकास और सौहार्द की दिशा में मजबूत कदम है, जो दोनों राज्यों के नागरिकों के हित में प्रभावी साबित हो सकती है।





