
दुर्ग/रायपुर,
अग्रवाल और सिंधी समाज के ईष्ट देवों को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कथित विवादित बयान के मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल, जिन्हें पुलिस ने फरार घोषित किया था, ने आज विधान नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद लगातार बढ़ते दबाव और समाजिक विरोध के बीच बघेल का सरेंडर माना जा रहा है महत्वपूर्ण फैसला।
बघेल के विवादित बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज में गहरी नाराजगी थी और प्रदेशभर में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
थाना पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले में सोशल मीडिया पोस्ट की जांच भी जारी है और अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि धर्म और समुदायों की भावनाओं पर चोट पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
समाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
अग्रवाल और सिंधी समाज के कई संगठनों ने आत्मसमर्पण के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्याय सुनिश्चित किया जाए।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा— “ऐसे बयानों से सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है, इसलिए दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।”
आगे क्या?
✔ न्यायालय में आरोपी की पेशी
✔ सोशल मीडिया पोस्ट की फॉरेंसिक जांच
✔ अन्य संबंधित लोगों की पहचान और जांच
यह मामला अब सिर्फ सोशल मीडिया विवाद नहीं बल्कि कानून व सामाजिक संवेदनशीलता का विषय बन चुका है।





