
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की औपचारिक शुरुआत के बाद राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इसी प्रक्रिया को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है। संगठन सूत्रों के अनुसार, यह बैठक रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी इसे आने वाले चुनावी समीकरणों में निर्णायक मोड़ के रूप में देख रही है।
बैठक में पार्टी के बड़े पदाधिकारी, जिला प्रभारी, संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि मतदाता सूची सुधार के नाम पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जो चुनावी मैदान में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।
SIR प्रक्रिया से क्यों बढ़ी हलचल?
राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बूथ स्तर पर मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और सुधार करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में सामने आ रही विसंगतियों, डुप्लीकेट नामों और स्थानांतरण से जुड़े मामलों पर पार्टी की विशेष निगाह है। बताया जा रहा है कि कई क्षेत्रों में मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी और पुराने आंकड़ों की पुनर्पुष्टि की शिकायतें सामने आई हैं, जिन्हें लेकर बीजेपी गंभीर है।
पार्टी रणनीति का ‘गोपनीय एजेंडा’
सूत्रों की मानें तो बैठक में निम्न बिंदुओं पर गहन चर्चा होने की संभावना है— मतदाता सूची में त्रुटियों को ठीक कराने के लिए बूथ समितियों को मजबूत निर्देश जारी , घरों–घर अभियान चलाकर नए वोटरों को जोड़ने पर विशेष फोकस। बीएलओ और प्रशासनिक व्यवस्था पर निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन। उन इलाकों की पहचान जहाँ मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव दर्ज किए गए हैं।
राजनीतिक तापमान चढ़ा
SIR शुरू होते ही प्रदेश में सियासी आरोप-प्रत्यारोपों का दौर भी तेज़ हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में लगातार जांच के नाम पर कुछ क्षेत्रों में जानबूझकर देरी की जा रही है, जबकि सत्ता पक्ष और बीजेपी का कहना है कि “पारदर्शी सूची तैयार करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक है।”
आगे क्या?
मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य आने वाले दिनों में और तेज होगा। दिसंबर के पहले सप्ताह तक अधिकांश सुधार कार्य पूरे कर लिए जाने की उम्मीद है। आज होने वाली बीजेपी की बैठक से स्पष्ट है कि पार्टी पूरे अभियान को संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारी के साथ जोड़कर देख रही है।





