
पुलिसकर्मियों के लिए ‘जीरो कट’ और ‘क्लीन शेव’ अनिवार्य नहीं
आरटीआई के जवाब में पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट की स्थिति, उपनिवेशकालीन नियमों पर उठे सवाल
रायपुर।
छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों के लिए अब हेयरस्टाइल और दाढ़ी को लेकर किसी तरह की सख़्त अनिवार्यता नहीं है। पुलिस मुख्यालय की ओर से आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि ‘जीरो कट बाल’ या ‘क्लीन शेव’ रखना कोई बाध्यकारी नियम नहीं है और न ही लंबे बाल अथवा दाढ़ी रखना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
सूचना अधिकार आवेदन के तहत पूछे गए प्रश्न पर पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजे गए जवाब में यह भी कहा गया है कि कई पुराने और अंग्रेजों के जमाने के कई नियम अभी तक प्रचलन में हैं, जिनकी समय-समय पर समीक्षा की आवश्यकता है।
जवाब सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या पुलिसकर्मियों के पहनावे और वेशभूषा से संबंधित नियमों को आधुनिक समय के अनुरूप संशोधित किया जाना चाहिए। कई अधिकारियों ने माना कि सख्त ड्रेस कोड के नाम पर अक्सर पुराने अप्रचलित नियम लागू कर दिए जाते हैं, जो आज के वातावरण और कार्य शैली से मेल नहीं खाते।
इधर, जवानों ने भी इस जवाब का स्वागत किया है। उनका कहना है कि भारी-भरकम ड्यूटी, लगातार फील्ड वर्क और बदलती जीवनशैली के बीच लचीला दृष्टिकोण आवश्यक है। दाढ़ी या हेयरकट जैसे निजी निर्णयों को अनुशासन से जोड़ना उचित नहीं।
पुलिस विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वेशभूषा और ग्रूमिंग से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जा सकता है ताकि अनावश्यक भ्रम और विवाद से बचा जा सके।





