
स्पेशल इंटेंसिव रिवाइजल (SIR) प्रक्रिया से जुड़े अतिरिक्त कार्यों ने फील्ड-स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मियों पर अत्यधिक मानसिक दबाव बना दिया है।
दैनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ SIR के अंतर्गत घर-घर जाकर फॉर्म भरना, दस्तावेज़ सत्यापन, डाटा अपलोड और लगातार रिपोर्टिंग जैसी गतिविधियाँ कई कर्मचारियों के लिए दैनिक 12–14 घंटे का अतिरिक्त बोझ बन गई हैं।
इस लगातार दबाव का सीधा प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य, परिवारिक जीवन, और खासकर बच्चों की देखभाल व शिक्षा पर पड़ रहा है।
कई कर्मचारी बता रहे हैं कि—अत्यधिक फील्ड वर्क की वजह से बच्चों को समय नहीं मिल पा रहा
पढ़ाई, होमवर्क और मूलभूत देखभाल में गंभीर कमी आ गई है
काम का अनियमित समय उन्हें मानसिक रूप से थका देता है, जिससे बच्चों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है लगातार लक्ष्य आधारित दबाव के कारण घर लौटने पर भी तनाव बना रहता है महिला कर्मचारियों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्हें
घर की जिम्मेदारियों + बच्चों की परवरिश + SIR का अतिरिक्त बोझ
तीनों को एक साथ संभालना पड़ रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि SIR कार्य की मौजूदा व्यवस्था मानवीय दृष्टिकोण से दूर, अत्यधिक दबावपूर्ण और पारिवारिक व मानसिक संतुलन को बिगाड़ने वाली सिद्ध हो रही है।
वे मांग कर रहे हैं कि—
SIR कार्य समय में लचीलापन दिया जाए अतिरिक्त स्टाफ या टीम आधारित मॉडल लागू किया जाए महिला कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल को ध्यान में रखते हुए विशेष राहत दी जाए मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और कार्यभार प्रबंधन की स्पष्ट नीति बनाई जाए
समग्र रूप से, SIR प्रक्रिया का अतिरिक्त दबाव न केवल कर्मचारियों को मानसिक यातना दे रहा है बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं में भी स्पष्ट कमी ला रहा है, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है।





