
अजय जांगड़े
कवर्धा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पंडरिया में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. पुनित राम साहू के साथ बीते 18 अक्टूबर की दोपहर 3:30 बजे अस्पताल परिसर में ही अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, मारपीट और जान से देख लेने की धमकी देने की घटना घटी।
पीड़ित डॉक्टर ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत थाना पंडरिया में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है, लेकिन पुलिस प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए है।
डॉ. पुनित राम साहू ने अपनी शिकायत में बताया कि घायल मरीज रामचंद निषाद के साथ आए आकाश ठाकुर उर्फ जीतू ठाकुर और उसके एक साथी ने इलाज के दौरान डॉक्टर को बार-बार टोकना शुरू किया। जब डॉक्टर ने उन्हें दूर रहने को कहा, तो आकाश ठाकुर उग्र हो गया और डॉक्टर को गाली-गलौज करते हुए धमकाने लगा।
डॉ. साहू ने बताया कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना चाहा तो आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ हाथापाई करते हुए छाती में धक्का और मुक्के से मारपीट की।
घटना के दौरान अस्पताल स्टाफ — आरएचओ पिंकी, आरएचओ सफुरा भास्कर, स्टाफ नर्स दुर्गेश्वरी मेरावी, वार्ड ब्वाय दीनानाथ यादव, आयुष्मान मित्र उदय प्रकाश साहू और ड्रेसर सागर टंडन — सभी ने घटना को देखा और बीच-बचाव किया।
डॉ. साहू ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में कहा है कि “अगर मुझे या मेरे परिवार को कोई नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आकाश ठाकुर उर्फ जीतू ठाकुर की होगी।”
उन्होंने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है, ताकि वे भयमुक्त वातावरण में अपनी चिकित्सकीय सेवा दे सकें।
स्थानीय डॉक्टरों ने भी इस घटना को लेकर नाराजगी व्यक्त की है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर संघ की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब क्षेत्र में चर्चा का विषय यही है कि आखिर कौन है आकाश ठाकुर,जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद भी थाना पंडरिया में कार्रवाई नहीं हो रही है?
क्या पुलिस किसी दबाव में है, या आरोपी को मिल रहा है राजनीतिक संरक्षण?





