
स्थान – कण्डेल, जिला धमतरी | दिनांक – 16 जुलाई 2025
महाविद्यालयों में मनमाने शुल्क वृद्धि के विरोध में एनएसयूआई का विरोध, कण्डेल कॉलेज प्रशासन को पत्र सौंपा गया
शासकीय नवीन महाविद्यालय कण्डेल में सत्र 2025-26 के लिए जनभागीदारी एवं अशासकीय मदों में की गई मनमानी फीस वृद्धि के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने मोर्चा खोलते हुए प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस वर्ष जनभागीदारी शुल्क ₹500 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया है, जबकि अशासकीय शुल्क में भी ₹800-900 से बढ़ाकर ₹1000 से अधिक कर दिया गया है, जो कि पूर्णतः अविवेकपूर्ण और छात्र विरोधी है।

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि महाविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों से आते हैं। ऐसे में फीस में की गई यह बढ़ोतरी छात्रों की पढ़ाई के अधिकार पर सीधा हमला है।
एनएसयूआई ने कॉलेज प्रशासन से जनभागीदारी समिति और कॉलेज स्टाफ की संयुक्त बैठक बुलाकर फीस में तत्काल संशोधन की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। यह भी कहा गया कि जब तक जिले के सभी कॉलेजों में राहत नहीं मिलती, तब तक “बस्ता खाली – जेब खाली, छात्र अधिकार आंदोलन” चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
एनएसयूआई ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक महाविद्यालय की बात नहीं है – जिले के कई कॉलेजों स्कूलों में, पुस्तक वितरण, फीस वृद्धि, शिक्षक की कमी जैसे गंभीर मुद्दे हैं, और अब छात्र चुप नहीं बैठेंगे।
एनएसयूआई की प्रमुख माँगें:
• मनमाने तरीके से की गई फीस वृद्धि पर तत्काल रोक
• जनभागीदारी शुल्क को पूर्ववत ₹500 पर लाया जाए
• अशासकीय शुल्कों की समीक्षा कर उन्हें न्यूनतम किया जाए
• फीस निर्धारण में पारदर्शिता लाई जाए और छात्रों को विश्वास में लिया जाए
एनएसयूआई ने यह भी कहा कि प्रशासन ने यदि छात्रों की बात को अनसुना किया, तो आने वाले दिनों में कॉलेजों के बाहर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

2.प
बस्ता खाली – जेब खाली छात्र अधिकार आंदोलन
NSUI के दबाव में झुका नगरी कॉलेज प्रशासन — फीस में की गई कटौती
अब जिले भर में चलेगा आंदोलन का दूसरा चरण
प्रदेश भर में छात्रों की शिक्षा और अधिकारों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) द्वारा चलाया जा रहा “बस्ता खाली – जेब खाली छात्र अधिकार आंदोलन” अब असर दिखा रहा है।
धमतरी जिले के शासकीय महाविद्यालय, नगरी में छात्रों पर लादी गई अवैध फीस वृद्धि को लेकर जब NSUI ने कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाया, तब अंततः प्रशासन को झुकना पड़ा और प्रवेश शुल्क में कमी की घोषणा की गई। छात्रों को राहत मिली है और यह NSUI के संघर्ष की बड़ी जीत है।
यह सिर्फ शुरुआत है —
अब यह आंदोलन जिले के प्रत्येक स्कूल और कॉलेज में पहुंचेगा। जब तक सभी शिक्षण संस्थानों में समान रूप से राहत नहीं मिलती, तब तक NSUI आंदोलन जारी रखेगी।अगले चरण में महाविधालयो व स्कूलों के बाहर हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा
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छात्र आंदोलन के प्रमुख मुद्दे:
महीने भर बाद भी स्कूलों में पुस्तक वितरण नहीं हुआ – छात्रों की पढ़ाई प्रभावित।
निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमानी वृद्धि – शासन की गाइडलाइन को ठेंगा।
शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी और अशासकीय मद में अवैध फीस वसूली ।
सरकारी लाइब्रेरी में बेरोजगार युवाओं से शुल्क वसूली – यह अन्यायपूर्ण है।
बिलासपुर PWD सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल और भ्रष्टाचार – सरकार दोषियों पर कार्रवाई करे।
शिक्षकों की भारी कमी के चलते शासकीय स्कूलों में तालाबंदी – यह प्रदेश सरकार की शिक्षा विरोधी नीति का परिणाम है।
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राजा देवांगन,
जिलाध्यक्ष – NSUI धमतरी ने कहा:
“नगरी कॉलेज की फीस कटौती NSUI के संघर्ष की पहली जीत है। यदि सरकार और शिक्षा विभाग अब भी नहीं जागे, तो यह आंदोलन और भी बड़ा और व्यापक होगा। अब छात्रों की चुप्पी नहीं, आवाज़ गूंजेगी।”





