
अजय महंत
कटघोरा/बिंझरा- एक ओर सरकार बिजली आपूर्ति को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कटघोरा के ग्रामीण क्षेत्रों की हकीकत बेहद दर्दनाक है। बिजली विभाग की निष्क्रियता अब हद पार कर चुकी है, बिंझरा सब स्टेशन से आस पास के 26 गांव मे विद्युत आपूर्ति की जाती है, लेकिन तुमान फीडर को खराब हुए एक साल से अधिक हो चूका है, लेकिन बिजली विभाग गहरी नींद मे सोया हुआ है! इस खराबी को छुपाने और जुगाडू बिजली चलाने के लिए विभाग ने तुमान फीडर की सप्लाई को बिंझरा फीडर के ब्रेकर मे जबरन जोड़ दिया है, जिससे अब बिंझरा फीडर पर भारी लोड पड़ रहा है.!
इस भारी लोड के कारण पुरे क्षेत्र मे बिजली की आँख मिचोली आम हो गई है, जिसकी खमियाजा आम जानता को अँधेरे मे रह कर भुगतना पड़ रहा है, दिन भर की आँख मिचोली का सीधा असर इन गाँवों मे रहने वाले हजारों ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा हैं.!
दिन मे कई-कई बार गुल हो रही बिजली, रात मे अँधेरे का डर-सांप बिच्छू से जीवन संकट मे- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली दिन मे 8-10 बार चली जाती है और कई बार तो घंटो तक वापस नहीं आती!बरसात के इस मौसम मे अँधेरे मे सांप, बिच्छू और जहरीले कीड़ों का भय हर घर मे पसरा हुआ है! बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहें, बुजुर्ग और बीमार जन अँधेरे मे परेशान हैं, और गांव के हैण्ड पम्प और पानी की मोटरें बिजली की आभाव मे चालू नहीं हो पा रही हैं, जिससे एक एक पानी की बुँदे के लिए तरस रहें हैं ग्रामीण ….!
बिंझरा फीडर पर जानलेवा लोड-कभी भी हो सकता हैं बड़ा हादसा…!
जानकारों की माने तो एक ही फीडर से 14-15गाँव की अतिरिक्त सप्लाई को जोड़ना आत्मघाती कदम है, ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड का खतरा बना हुआ है, और तारों मे स्पार्किंग, शार्ट सर्किट जैसी घटनाएं किसी भी समय जानलेवा रूप ले सकती हैं!
“यह तकनीकी लापरवाही नहीं, जनता की जान से खिलवाड़ है!”
बिजली विभाग की चुप्पी पर कई सवाल…..
क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है..?
आखिर तुमान फीडर की बंद पड़े ब्रेकर को बदलने मे इतनी देर क्यों..?
क्या ग्रामीणों की तकलीफ की किसी को कोई परवाह नहीं..?
अब देखना ये दिलचस्प होगा कि इस खबर की चिंगारी से बिजली विभाग के बंद दिमागों में कोई ‘करंट’ दौड़ता है या नहीं, या फिर अफसर पुराने ढर्रे पर ‘लोडशेडिंग’ करते रहेंगे!





