
एडिटर इन चीफ, अजय जांगड़े
रायपुर।लगभग 10 महीने के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार ‘बलिदानी राजा गुरु बालकदास’ फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। यह फिल्म सतनामी समाज के गुरु और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा गुरु बालकदास जी के जीवन और बलिदान पर आधारित है।
फिल्म निर्माताओं का कहना है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इतिहासिक प्रमाणों और दस्तावेजों के साथ अपनी बात को मजबूती से रखा। बॉम्बे लाइब्रेरी से प्राप्त गजेटियर में यह प्रमाणित किया गया कि अंग्रेजों ने गुरु बालकदास जी को “राजा” की उपाधि दी थी।
फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि गुरु बालकदास जी की शौर्य गाथा और संघर्षपूर्ण जीवन दुनिया के सामने आए, लेकिन टीम ने संघर्ष जारी रखा और हार नहीं मानी। जरूरत पड़ती तो मामला हाईकोर्ट तक भी ले जाया जाता।
सभी प्रमाणों की जांच के बाद अंततः सेंसर बोर्ड ने फिल्म को ‘पास’ (Pass) कर दिया। अब यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी, जिससे आम जनता को गुरु बालकदास जी का गौरवशाली इतिहास जानने का अवसर मिलेगा।





