
@अजय जांगड़े
कवर्धा,कबीरधाम जिला इन दिनों अवैध कबाड़ कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। जिले के अलग-अलग इलाकों में खुलेआम चल रहे कबाड़ के अवैध गोदाम न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं, बल्कि ये गोदाम चोरी के सामानों की खपत के बड़े अड्डे बन चुके हैं।
सूत्रों की मानें तो इन गोदामों में सरकारी और निजी संपत्तियों से चुराए गए लोहे के एंगल, पाइप, बिजली के तार, मोटर, और मशीनों के पुर्जे खुलेआम खरीदे और बेचे जा रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले से या तो अनजान बनी हुई है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है।
कबीरधाम जिले में लगातार हो रही सरकारी संपत्तियों की चोरी जैसे बिजली विभाग की वायरिंग, स्कूलों से उपकरण, और निर्माणाधीन सरकारी परियोजनाओं से सामान गायब होना इस अवैध कबाड़ व्यापार से सीधा जुड़ा नजर आ रहा है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस की सक्रियता सिर्फ शराब पकड़ने तक सीमित दिख रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस इन कबाड़ के सौदागरों पर कार्रवाई करने से कतरा रही है। सवाल यह है कि आखिर क्या वजह है कि पुलिस इन पर ठोस कदम नहीं उठा रही।क्या इन कारोबारियों की राजनीतिक या आर्थिक पकड़ इतनी मजबूत है कि प्रशासन भी मजबूर नजर आता है? या फिर इस अवैध धंधे की कमाई का कोई हिस्सा जिम्मेदार तंत्र तक पहुंच रहा है?
इन तमाम सवालों के जवाब अब जनता मांग रही है। आम नागरिकों की मांग है कि जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक इस मामले की गंभीर जांच कर तत्काल कार्रवाई करें, ताकि कबीरधाम जिले को इस अवैध कबाड़ व्यापार से मुक्ति मिल सके।





