
**भारत अमेरिका व्यापार समझौते में हस्ताक्षर न करने और इराक हमले को रोकने व शांति स्थापित करने की मांग_ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा**
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ दल्ली राजहरा, जिला किसान संघ बालोद ने व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने की मांग और ईरान पर हुए विध्वंसक हमले को रोकने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी, दल्लीराजहरा/दल्ली राजहरा के अतिरिक्त अन्य जगहों पर मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने डोंडी/डोंडी-लोहरा/गुरुर व बालोद जिले के सभी तहसीलों में ज्ञापन सौंपा गया,
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर ने कहा कि अगर ये व्यापार समझौते लागू होता है तो देश व प्रदेश विशेष छत्तीसगढ़ का जो किसान जो कृषि कार्य में जुटा हुआ है उनका रोजगार छीन जाएगा और कृषक घुमंतू प्रवृति का हो जाएगा,भारत सरकार द्वारा अमेरिका व्यापार समझौते में अमेरिका के साथ तथाकथित समझौता असल में देश के हितों उनकी सम्प्रभुता जरुरी कृषि क्षेत्र और कई तरह के औद्योगिक उत्पादों को खुले आम बेचना है, भारत आयात टेरिफ को शून्य कर देगा, जबकि अमेरिका भारतीय उत्पादों को अमेरिका को निर्यात पर 18 प्रतिशत टेरिफ लगायेगा, अमेरिका सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ट्रंप के टैरिफ को गैर संवैधानिक ठहराये जानें के बाद भी भारत में एक तरफा फी ट्रेंड घोषणा के खिलाफ बात नही रखी है, अब भारत सरकार को इस समझौते पर हस्ताक्षर नही करनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने कहा अमेरिका के साथ एकतरफा और किसान विरोधी व्यापार समझौते पहले से ही मुश्किल में फंसे किसानों के लिए नुकसानदायक है, क्योकि असमान समझौते के तहत् भारत में बड़े बाजार की भरपायी कर दी गयी है, भारत में किसानों की स्थिति दयनीय है, इन्हें अमेरिका व्यापार समझौते में न फंसाकर ऐसे मुक्त व्यापार करनें वाले देशों के साथ आगे आना चाहिए और भारतीय किसानों को विदेशी बाजार में प्रतिस्पर्धा करनें के लिए मजबूत बनाना चाहिए, जिससे भारतीय किसान अॅन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से खड़ा हो सके, भारत अमेरिका समझौता केवल कृषि तक सीमित नही है, इसके साथ ही साथ भारतीय कृषि क्षेत्र में एक बड़ी रुप में तकनीक पीछे आयेगी, जो भारतीय किसानों के हाथों से रोजगार व मालिकाना हक छीन लेगा, किसानों को वित्तीय समस्या में ढकेल देगी, कृषि में विदेशों से नई तकनीक के रुप में बड़ी-बड़ी मशीनें आयेगी, जो धान एवं अन्य फसलों की जुताई से लेकर कटाई एवं खरपतवार नष्ट करनें के नये-नये तरीके जो भारत के छोटे व सीमांत किसानों को प्रभावित करेगे।
इन सबके बजाय बार-बार बेमौसम बारिश व अतिवृष्टि-ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए उचित योजना बनाकर कियान्वंन किया जाना चाहिए न कि भारत अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के ऊपर थोपना चाहिए, और ऐसे ही भारतीय संविधान में श्रमिक वर्ग के लिए बनाये गये 44 श्रम कानून को 4 श्रम संहिता कोड में परिवर्तित कर जबरदस्ती श्रमिको के ऊपर थोपा जा रहा है।
हमारी संगठन छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा / छत्तीसगढ माइंस श्रमिक संघ/जिला किसान संघ, बालोद /संयुक्त किसान मोर्चा उपरोक्त किसान-मजदूर विरोधी कानून व समझौते की कड़ी निंदा करतें है, और इन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द करनें की माँग करते हुए देश व प्रदेश के आंदोलित मजदूर किसान-छात्र-बेरोजगार-संगठित व असंगठित क्षेत्र के महिलायें-बुद्धिजीवी वर्गों के बातों पर विचार करते हुए अमल करनें की अपील करते है। इस कार्यक्रम में मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर, माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके, शैलेश बंबोडे, हेमंत कांडे, नासिक यादव, इंद्रपाल, अमर, राधे खरे,श्रवण,नारद,विनोद मिश्रा,
लोहारा से जिला किसान संघ बालोद के अध्यक्ष गैद सिंह ठाकुर, सुरेश, ढाले, प्रजापति,लतखोर राणा, नवाब जिलानी,पुसऊ राम,कुशल ठाकुर, गुरूर ब्लॉक से छन्नू साहू, सुरेश, परदेसी राम, डौंडी ब्लॉक से प्रेम,देवेंद्र सीन्द्रमें,गौतम, घना राम,कचरू,
उपरोक्त समस्याओं पर हमारी संगठन की माँगें निम्नानुसार है-
(1) भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर पर रोक लगायी जाय।
(2) मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिता कोड को तत्काल रद्द किया जाय।
(३) ‘बिजली विधेयक (स्मार्ट मीटर की योजना) तत्काल रद्द की जाय।
(4) बीज विधेयक को अतिशीघ्र रद्द कर किसानों को अपनी कृषि उत्पाद को संग्रहण की आजादी दी जाय।
(5) पुरानें रोजगार गांरटी अधिनियम यथावत रखते हुए छेड़-छाड न किया जाय।
खाड़ी युद्ध को तत्काल खत्म करने और विश्व में शांति स्थापित करने की मांग रखी गई।
रिपोर्टर:
हिरदे सिन्हा:7389867471





