hindmedianews
Breaking News
छत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

भीषण गर्मी में पानी की मार…. झेल रहे हैं कमार परिवार….

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

 

हैंड पंप में सबमर्सिबल पंप लगाकर कार्य किया पूर्ण, लेकिन 1 माह भी नहीं चला पंप!

 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही आई सामने…

सरकार विकास के चाहे लाखों दावे कर ले लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है एक ओर जहां सरकार विशेष पिछली जनजाति कमार परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने अनेकों योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है लेकिन सरकार के दावे ढोल तरी पोल जैसे कहावतों की यथार्थता को प्रदर्शित कर रहे हैं…

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में जल जीवन मिशन के कार्य में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां जिले की तहसील मुख्यालय कुकरेल से महज 3 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत कांटा कुर्रीडीह के कमार पारा बहनापथरा में बसे लगभग 18 परिवारों को पानी के लिए लम्बा सफर तय करना पड़ रहा है। जबकि बीते 4-5 माह पहले ही वहां पर जल जीवन मिशन के तहत लगभग 16 लाख की लागत से सोलर ड्यूल पंप लगाया गया जिससे कि कमार परिवारों को गर्मी में पेयजल संकट से जूझना न पड़े।

लेकिन आलम आज यह है कि पन्द्रह लाख सत्तर हजार रुपए की लागत से बने सोलर ड्यूल पंप कमार परिवारों के लिए पानी आपूर्ति नहीं कर पाए….एक महीने भी नहीं हुए और पंप ख़राब हो गया।

परिवारों की स्थिति इतनी है कि महिलाएं समेत छोटे बच्चे नंगे पांव तपती धूप में पानी लेने लगभग आधा किलोमीटर का सफर तय अपनी प्यास बुझाने के लिए जद्दोजेहद करना पड़ता है।

यहां लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की एक बड़ी भर्राशाही उजागर हुई है, 15 लाख 70 हजार के सोलर ड्यूल पंप को एक ऐसे बोर से जोड़ दिया गया है जो हैंड पंप था! मतलब हैंड पंप के ही बोर में विभाग ने सबमर्सिबल पंप लगाकर अनियमितता…कोई नया मोटर पंप खनन नहीं किया गया…. ऐसे सैकड़ों बोर हैं ज़िले में जिनमें इस तरह की भर्राशाही कर लाखों करोड़ों का चूना प्रशासन को लगाया गया है, साथ ही क्षेत्र की जनता को धोखा दिया गया है। आने वाले दिनों ऐसे और भी प्रकरण सामने आयेंगे जहां पर जल जीवन मिशन के ऐसे कार्यों के फेल होने की खबरें आम होंगी।


मालूम हो कि जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी, इस योजना का उद्देश्य था कि देश के सुदूर अंचलों के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच सके। जिसे 2024 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए ज़िला स्तर पर सैकड़ों बैठकें भी कलेक्टरों द्वारा ली गईं, लेकिन उन बैठकों की हकीकत अब ग्रामीण अंचलों से निकल कर सामने आने लगीं हैं।

इस पर विभाग ने अपना पल्ला झाड़ते नज़र आए उनके द्वारा कहा गया कि यह सब विभाग के हाथों में नहीं है उसको ठीक करने को निर्देश दिए है।

 

चुनेश साहू 7049466638

संबंधित पोस्ट

ग्राम चिचबोड मे सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुक्रवार को समापन

Chunesh Sahu

सड़क नहीं, गड्ढों का समुन्दर हैं सेंदुरगढ!सरपंच साहब गहरी नींद मे, ग्रामीण भुगत रहें सजा…..!

भाजपा ने सभी 10 नगर निगमों में दर्ज की शानदार जीत एक क्लिक में जानिए सटीक आंकड़े

Sakshi Bansod

धूमधाम से मनाया गया डॉ. भीम राव अंबेडकर की जयंती

hindmedianews

जनपद सदस्य संजय बैंस ने लाखो रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

Chunesh Sahu

Chunesh Sahu