
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जंगलों में सालों से फल-फूल रहे नक्सली अब अपनी अंतिम सांस गिन रहे हैं. जब से नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सल मुक्त ऑपरेशन चलाया गया है, तब से सैकड़ों नक्सली मारे जा चुके हैं. वहीं कुछ सरेंडर करके मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं. सूबे के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पिछले 13 महीनों में 305 से अधिक नक्सलियों का सफाया किया गया है. इसके अलावा 1,177 को गिरफ्तार किया गया है और 985 ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया है. यह न केवल प्रतिबद्धता और रणनीतिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य तेजी से नक्सली हिंसा से मुक्त होकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है.
सीएम ने बताए सरकार की मंशा
मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य में सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक में 31 माओवादियों के मारे जाने के बाद आया है. सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों ने निरंतर शांति और सुरक्षा का माहौल बनाया है. मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर जोर दिया कि नक्सल समस्या सिर्फ सुरक्षा चुनौती नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक और विकासात्मक चुनौती भी है. साय ने कहा, “आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए विशेष पुनर्वास कार्यक्रम तैयार किए गए हैं, जो उन्हें रोजगार के अवसर, वित्तीय सहायता और समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल करने की पेशकश कर रहे हैं. ये पुनर्वास नीतियां न केवल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, बल्कि समाज में शांति और विश्वास का माहौल भी बना रही हैं.”
1177 नक्सलियों की गिरफ्तारी
सीएम साय ने कहा कि 1177 नक्सलियों की गिरफ्तारी सरकार की मजबूत सुरक्षा नीति का नतीजा है. केंद्र और राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों को उन्नत हथियारों, आधुनिक ट्रेनिंग और बेहतर कोऑर्डिनेशन से लैस किया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि नक्सली अभियानों को जड़ से खत्म कर दिया जाए. राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए गिरफ्तार नक्सलियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.





