
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के संबंधों को लेकर अहम फैसला सुनाया। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की बेंच ने कहा कि पत्नी अपने पति पर रेप या अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप नहीं लगा सकती, जब तक वह नाबालिग न हो। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ रेप के आरोपी पति को बरी करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि उसे तत्काल रिहा किया जाए। हालांकि पति पर आरोप लगाने वाली पत्नी की 2017 में मौत हो चुकी है।
मरने से पहले महिला के दिए बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ धारा 376 और 377 के तहत केस दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। मामले में ट्रायल चला, तब कोर्ट ने पति को धारा 377, 376 और 304 यानी की गैरइरादतन हत्या के लिए दोषी ठहराया। ट्रायल कोर्ट ने 11 फरवरी 2019 को 10 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी पति ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ फैसला सुनाया है।





