
बालोद….. जिले के कुसुमकसा में हुए सैनिक सम्मान कार्यक्रम को बेहतरीन आयोजन के लिए गौरव ग्राम सैनिक सम्मान समारोह आयोजन के सभी कार्यकर्ताओं का अतिथियों ने तारीफ की l कार्यक्रम का प्रायोजक निको माइनिंग गोदावरी प्लांट की ओर से की गई थी l अतिथियों एवं उपस्थित व्यक्तियों को संबोधित करते हुए *कुसुमकसा जनपद सदस्य संजय बैस*
———————–‘
ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गौरव का क्षण है l जब हम देश की रक्षा करने वाले उन महान सैनिकों के साथ-साथ उनको जन्म देने वाली मां उनके पिता एवं उनके परिवार का सम्मान कर रहे हैं l इसके लिए मैं हमारे गांव के सहयोगी जिन्होंने सैनिकों के परिवार उनके नाम को मंच तक पहुंचाने में सहयोग किया l मैं सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं l

*जिला पुलिस अधीक्षक ने एस आर भगत जी*
——-‘——–
ने कहा कि जिला पुलिस परिवार की ओर से जो सैनिक रिटायरमेंट हो चुके हैं और जो वर्तमान में पदस्थ हैं उन सभी को मैं हार्दिक बधाई देता हूं l सैनिक शब्द से ही एक विशेष चेहरा महसूस होता है l मन में उमंग , ऐश्वर्या ,>हिम्मत >और ताकत का अभिमान प्रतीत होता है l जब सैनिक शब्द मन में आता है तो देश के छोर में बॉर्डर पर खड़े वैयक्ति का चित्र मन में उभर आता है l कुछ हद तक हम पुलिस वाले भी सैनिक की तरह काम करते हैं l जब हम नक्सली क्षेत्र में जाते हैं ,हम सैनिकों की तरह लड़ते हैं l खाते पीते सोते जागते हम हर पल सचेत रहते हैं l य़ह कभी भी नहीं सोचता कि क्या होगा ..? उनका सबसे विश्वसनीय दोस्त होता है ,उनका हिम्मत ,उनका ताकत , उनका हौसला ,उनका आत्म विश्वास और गोला और बारूद जो अपने साथ रखता है वह बस इन सब में बंधकर देश और राज्य की रक्षा करता है l
नक्सली गतिविधियों के बारे में आप लोगों सुनते हैं जानते हैं l उनके जीवन में रोमांचक बनी रहती है l हर वक्त उनके मन में योजनाएं बनती रहती है , देश की रक्षा और परिवार की सलामती की l सैनिक के मन में आस्था रहता है समर्पण रहता है साथ ही परिवार उनके सामने घूमते रहता है l मां बाप भाई बहन पत्नी बच्चे सब आंखों में झूलते रहते हैं l उनका एक ही सपना रहता है कि मैं अपने मां पत्नी बच्चों और दोस्तों के सपनों को पूरा करूं इसलिए वह हर समय देश की सेवा में अलर्ट रहता है l
आज आप लोगों ने उनके महत्व को समझकर सम्मान दिया l उनके सम्मान के आज कार्य क्रम रखें l हम लोगों को बुलाया हम लोग भी सैनिकों के सम्मान में अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं l
सम्मान छोटा हो या बड़ा यह मायने नहीं रखता l आज का यह सम्मान भव्यता लिए है इतना विशाल जनसमूह उनके बीच सैनिक को सम्मानित करना बहुत बड़ी गौरव की बात है l
जिन्होंने भी इस कार्यक्रम के बारे में सोचा, समझा , जिसने भी इसके लिए विचार किया l इसके लिए भूमिका निभाई इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए बहुत ज्यादा सम्मान के पात्र हैं l
कोई भी गांव शहर सम्मान तभी पाता है जब वहां के लोग बच्चे पढ़ कर निकलते हैं और देश की सेवा , समाज की सेवा और उनकी रक्षा करते हैं l
सैनिक का जीवन बहुत सम्मान पूर्ण तथा कष्टमय होता है l जब हम अपने घरों पर भरपेट खाना खाकर चैन की नींद सो रहे होते हैं l तब सैनिक बॉर्डर पर धूप गर्मी बरसात और ठंड से बेखबर देश की रक्षा करते हैं l कभी इन्हें खाना नसीब होता है तो कभी भूखे पेट तो पेड़ों के पत्तीयो को खाकर गंदे पानी को पीकर बिना सोये रहना पड़ता है l
*जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल*
———–‘
ने भारत माता की जयकारे के साथ अपना संबोधन करते हुए कहा कि कुसुमकसा की धरती नमन की धरती है l यह सैनिकों की धरती है इस गांव ने इतने सैनिकों को देश की सेवा में भेजें मैं इनके जज्बा और यहां के माताओ और बहनो के भावनाओं का सम्मान करता हूं l फौजियों का जीवन कितना कठिन होता है त्यौहार के वक्त जब हम त्यौहार मना रहे होते हैं फौजी भाई अपने ड्यूटी में लगे रहते हैं l उनके परिवार को चिंता रहती है कि कहां और किस हाल में होगी l ऐसे वीर सपूतों की सम्मान करने के लिए आप लोगों ने जो पहल की है बहुत ही अनुकरणीय है l कितनी पूजनीय है यहां की माता जो अपने बेटे को देश की रक्षा के लिए देश की सेवा में भेजते हैं l लिए इतनी संख्या में देश की सैनिकों को सम्मानित किया हमारे लिए गौरव का विषय है कि आप लोगों ने हमें इसकी काबिल समझा और हमें भी सैनिकों और उनके परिवार के साथ रहने का अवसर मिला l इन सैनिकों के बलिदान के कारण ही हम लोग सकुशल और सुरक्षित रह पाते हैं l
कुसुमकसा के 70 सैनिकों और उनके परिवार को भी मैं धन्यवाद देता हूं जिनके भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैनिक बनने में उनकी भूमिका रही l
धन्य है या मिट्टी जिन्होंने इतने सैनिकों को जन्म दिया और धन्य है यह लोग जिन्होंने बेझिझक निडर होकर अपने बच्चों को देश की रक्षा के लिए भेजें हैं l
*अंतिम वक्ता के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथिलेश नुरुटी*
——————-‘——‘
ने कहा कि सभी साथी यह सोच रखते हैं कि हम देश की सेवा में जाएं कुछ कर दिखाएं उनके लिए यह सैनिक सम्मान एक प्रेरणा है l हमारे एसपी सर ने बताया कि पुलिस विभाग में कठिनाइयां है परेशानियां हैं उनके बावजूद हमारे पुलिस बेहतरीन मुकाम हासिल किए हैं l यह हमारे लिए बड़ी गौरव की बात है हमारे कुसुमकसा में इतने सैनिक निकले हैं l हमारे बीच कलेक्टर महोदय एसपी सर उपस्थित हुए और उन्हीं के द्वारा हमारे सैनिकों एवं उनके परिवार को सम्मान किया गया जिसके लिए हमारे गौरव ग्राम सैनिक सम्मान समिति के आयोजक कार्यकर्ताओं का मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं l
*कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच शिवराम सिंद्रमें जी*
ने किया उन्होंने कहा कि हमारे अंचल के सैनिक भाइयों को एवं उनके परिवार को सम्मान देने का यह हमारा छोटा सा प्रयास है l इसे बेहतर बनाने में हमारे ग्राम वासियों ने अपना भरपूर योगदान दिया l कलेक्टर महोदय एवं एसपी साहब ने हमारे आमंत्रण को स्वीकार कर हमें धन्य कर दिया l
सैनिक सम्मान के बाद रंग झांझर कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया l
इसमें छत्तीसगढ़ के फिल्मी कलाकार सुनील तिवारी भी उपस्थित थे l
जिन सैनिकों का सम्मान किया गया वे हैंl
स्व बैसाखूराम , स्व प्रेम दयाल स्वर्गीय अश्वनी साहू , मोहम्मद शमी कुरैशी ,जगदीश शुक्ला, अशोक गवारे ,प्रशांत सीहारे , टुकेश्वर साहू, कमलेश कोठारी खेमचंद पिस्दा, उत्तम पटेल , कमलेश्वर तुमरेकी , पवन चुरेंद्र धरम सिंदरामें, नरेंद्र पिस्दा, मयंक बैस, महेंद्र कुमार शर्मा, नरेंद्र कुमार शर्मा ,रिखीराम कौशिक ,पूरन लाल ,देवकरण रावटे, चेतन ठाकुर, नूतन कुमार खरांशु, संजय कुमार लेड़िया , जनक लाल लेड़िया , तुलेश्वर सीवना ,भूपेंद्र सीवना , गोविंद नेताम, पवन रावटे ,प्रेम सिंह धनकर , नसीम बोगा ,देवेंद्र सिंह गोटी, देवी सिंह नेताम , मुकेश गवारे , योगेश कुमार, मुकेश कोठारी ,लोकेश पोटाई, सैफ हाशमी , नीरज बैस , रूपनारायण नेताम , बालकरण , हिडको ,योगेश चुरेंद्र,,
सैनिक सम्मान समारोह को आयोजित करने मे इनकी भूमिका रही
————
मंजू धनकर नन्द किशोर पिस्दा सुरेश कोठारी गोविन्द सिन्हा राजू सिन्हा संतोष जैन जावेद खान नसीम खान भूपेंद्र मिश्रा मोहन दास मानिकपुरी गौरी शंकर साहू पूनम सिन्हा होमन कौशिक देवराज जैन दिनेश जैन मोनू गुप्ता पुष्पजीत बैस निशा कोसरिया पंकज कोठारी रवि यादव
बालोद से के नागे, के साथ मंजू शर्मा की रिपोर्ट,





