
मगरलोड प्रखंड के ग्राम भेंडरी में विश्व हिंदू परिषद के सत्संग विस्तार सप्ताह के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रांत के सत्संग प्रमुख श्री सुनील वर्मा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही, जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी और ग्राम के प्रतिष्ठित जनों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला उपाध्यक्ष श्री आनंद स्वरूप मेश्राम जी, जिला मंत्री श्री रामचंद्र भगवान जी, अमित साहू जी (गरियाबंद से), और ग्राम भेंडरी के लोकप्रिय सरपंच प्रीतराम देवांगन जी की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान, गरियाबंद के जिला सत्संग प्रमुख भागीरथी सोनकर जी, अर्चक पुरोहित रुपेश सोनी जी, और राजू साहू जी की उपस्थिति में बजरंग दल का नवीन गठन किया गया। इस गठन के अंतर्गत श्री बृजमोहन साहू जी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया तथा अन्य पदाधिकारियों का भी चयन किया गया।
*सत्संग का महत्व और संदेश*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रांत सत्संग प्रमुख श्री सुनील वर्मा जी ने सत्संग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सत्संग ही जीवन का मूल मंत्र है। आज के समय में, हिंदू समाज को एकजुट और संगठित रहने की आवश्यकता है। सत्संग न केवल आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देता है, बल्कि यह धर्म शिक्षा, नैतिक शिक्षा और संस्कारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
श्री वर्मा जी ने यह भी कहा कि सत्संग के माध्यम से हम समाज में शांति और सद्भावना का प्रसार कर सकते हैं, जो वर्तमान में बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, सत्संग जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है और मनुष्य को सच्चाई और आत्मज्ञान की ओर ले जाता है।
*भजन और सत्संग से जीवन में संतुलन*
जिला उपाध्यक्ष श्री आनंद स्वरूप मेश्राम जी ने भी सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “जीवन के उतार-चढ़ाव से घिरे व्यक्ति के लिए यह आवश्यक है कि वह समय-समय पर भजन और सत्संग के माध्यम से अपने भीतर शांति और संतुलन प्राप्त करे। यह न केवल व्यक्ति को सांसारिक उलझनों से निकालता है, बल्कि उसे आत्मिक आनंद और शाश्वत सत्य से जोड़ने का मार्ग प्रदान करता है। आज के भौतिकवादी युग में सत्संग और भजन की महत्ता पहले से कहीं अधिक है।”
*धार्मिक संस्कारों से दूर होता समाज: एक चिंता*
जिला मंत्री श्री रामचंद्र देवांगन ने चिंता जताई कि वर्तमान में हिंदू समाज अपने धार्मिक संस्कारों, जैसे सत्संग, भजन संध्या और धर्मग्रंथों से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “जब अन्य धर्मों के अनुयायी अपने धर्म और शिक्षा से जुड़े रहते हैं, हिंदू समाज में यह प्रवृत्ति कमजोर हो रही है। धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और सत्संग समाज को नैतिकता, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता की दिशा में प्रेरित करता है।” उन्होंने युवा पीढ़ी को इन धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि वे अपने सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहें और सही दिशा में प्रगति कर सकें।
इस सत्संग कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सत्संग प्रमुख श्री सुनील कुमार वर्मा जी जिला उपाध्यक्ष श्री आनंद स्वरूप मेश्राम जी जिलामंत्री रामचंद देवांगन जी जिला सत्संग प्रमुख भागीरथी सोनकर जी जिला अर्चक पुरोहित रुपेश सोनी जी जिला गौ रक्षा प्रमुख टोकेश साहू जी सत्संग प्रमुख गरियाबंद अमित साहू जी राजू साहू जी ग्रामीण अध्यक्ष – श्री बृजमोहन साहू (कीर्तनकार)
मंत्री – श्री गीताराम यादव (व्याख्याकार रामायण)
संयोजक* – श्री संदीप यादव (विहिप बजरंग दल) सत्संग प्रमुख* – श्री शत्रुघन सिन्हा जी (व्याख्याकार रामायण)
सह सत्संग प्रमुख* – श्री लिलेश कुमार साहू (नाल वादक), व्यवस्था प्रमुख* – श्री सतीश देवांगन जी, कार्यक्रम प्रमुख* – श्री विजय प्रकाश साहू, सम्पर्क प्रमुख* – श्री राजा देवांगन सरपंच – श्री प्रीत राम देवांगनजी
पंच – राधे लाल पटेल जी
सेवनिवृत शिक्षक एवं गायत्री मंदिर पुजारी – श्री भूषण लाल साहू जी
वरिष्ठ नागरिक – श्री बखरिया राम साहू, के साथ समस्त बजरंग दल दुर्गावाहिनी के कार्यकर्ता गण एवं समस्त ग्राम वासी भेंडरी (राजिम) शामिल रहे





