
छग बालोद
आज 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ फाउंडेशन जिला बालोद के द्वारा तैयार किया गया टीबी जागरूकता रथ को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालोद एवं जिला क्षय नियंत्रण केंद्र के सभी स्टाफ ने रथ को हरा झंडा दिखा कर रवाना किया। ताकि लोगो में टीबी को लेकर जो मिथक या भ्रम है उसे दूर किया जा सके। टी. बी. [Tuberculosis] एक गम्भीर रोग है, जो कि एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है. भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक व छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 तक इस रोग को पूर्णतः समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में, पंचायती राज विभाग व स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में टी. बी. मुक्त पंचायत अभियान की शुरुआत की जा रही है जिसके लिए रिच संस्था ने 30 जुलाई को सभी सरपंच और सचिव को लेकर 1 दिवसी टीबी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। टीबी मुक्त पंचायत अभियान को गति देने के उद्देश्य से REACH के द्वारा तैयार किया गया टीबी चैंपियंस का पंजीकृत नेटवर्क टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ फाउंडेशन जिला बालोद रथ तैयार किया जिसे आज स्वस्थ टीम के द्वारा हरा झंडा दिखा कर लोगो को गांव गांव जाकर जागरूकता करने के लिए भेजा गया। सीएमएचओ सर ने सभी टीबी चैम्पियन के काम को सहराते हुए कहा कि टीबी चैम्पियन आज लोगो के घर घर जाकर जागरूकता के साथ साथ टीबी मरीजों का सहयोग कर रहे जिसके लिए सभी को बधाई देते हुए लोगो से टीबी चैम्पियन का सहयोग करने को कहा। इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर, प्रत्येक नागरिक से टी. बी. रोग के लक्षणों के बारे में जायजा लिया जाएगा व जिन व्यक्तियों को लक्षण हो तो टीम द्वारा उनका बलगम ले कर नजदीकी लैब में टेस्ट किया जायेगा।
इस अभियान के दौरान अपनी पंचायत में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिल कर आज से 1000 जनसँख्या पर कम से कम 30 टी. बी. लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान करके, नजदीकी लैब में बलगम की जांच सुनिश्चित करें।
टी.बी. रोग कुछ विशेष श्रेणियों में अधिक होता है:-जैसे की कुपोषित, मधुमेह रोगी, पूर्व में कोविड रोगी, पूर्व में टी.बी. रोगी, उच्च रक्तचाप रोगी, गुर्दा रोग ग्रसित, कैंसर रोगी, ऐसे व्यक्ति जो टी.बी. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहा हो, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति, झुग्गी झोंपड़ी निवासी, प्रवासी, शरणार्थी, HIV पॉजिटिव व्यक्ति, नशा निवारण केंद्र के लाभार्थी, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली माता, स्टोन क्रेशर व खदानों में कार्यरत श्रमिक, निर्माण कार्य में लगे श्रमिक, दमा रोगी, स्वास्थ्य कर्मी, लिवर रोग ग्रसित व्यक्ति, हृदय रोग ग्रसित व्यक्ति व किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति। अपनी पंचायत में ऐसे विशेष श्रेणियों के व्यक्तियों को चिन्हित करके, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इनकी जांच करने में सहयोग करें।
चुनेश साहू 7049466638





