कवर्धा , कबीरधाम वनमंडल अधिकारी ने उप मुख्यमंत्री के निर्देश का हवाला देते हुए जंगल में अन्य राज्य से आए भेड़ बकरियां ऊट वालो के ऊपर कार्यवाही करते हुए बाहर करने का निर्देश दिए थे लेकिन सहसपुर लोहारा में पदस्थ रेंजर अनुराग वर्मा का उनसे कुछ ज्यादा लगाव हो गया है जिसके चलते अपने प्रभार वन परिक्षेत्र खारा के बिट में भेज दिए हैं । जहां पर भेड़ बकरियां ऊट गुजरात राज्य के निवासियों के द्वारा अपने पशुओं को बे रोक टोक चरा रहे हैं । जिसकी जानकारी निचले स्तर के कर्मचारियो से लेकर उच्च स्तरीय अधिकारियो को भी है । कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं जो समझ से परे है। ऐसा लगता है कि रेंजर अफसर की तरह सभी को जंगल संरक्षण के बजाए उन्हें संरक्षण देने में कुछ अलग ही आनंद है।
एक पेड़ मां के नाम लेकिन हजारों पेड़ो की नुकसान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंगल और पर्यावरण को बचाने के लिए देश व्यापी अभियान की शुरुआत किया है। जिसमे प्रत्येक व्यक्ति को अपने मां के नाम पर एक पेड़ लगाकर उसकी सुरक्षा कर धरती मां को हरियाली बनाने में मदद करने की अपील करते हुए दिखाई दे रहे हैं लेकिन सहसपुर लोहारा और प्रभार वाला रेंज खारा में हजारों की संख्या में भेड़ बकरियां की झुंड जगलो में दिखाई दे रहा है जो जंगल में लगे पौधो को अपना चारा बनाकर नुकसान पहुंचा रहा है । ज़िम्मेदार विभागीय अधिकारियों के द्वारा जंगल को नुकसान करने वाले के ऊपर कार्यवाही करने के बजाए संरक्षण दिया जा रहा है।
विभाग प्रतिवर्ष लगा रहा लाखो पौधा बावजूद वन क्षेत्र कम
वन विभाग प्रतिवर्ष लाखों की तादात में पौधा रोपण कर रहा है और उसके रक्षा ,सुरक्षा ,देखभाल में करोड़ो रुपए खर्च करने में लगे हुए हैं लेकिन इन सबके बीच भेड़ बकरियां ऊट की झुंड एक झटके में चट कर रहे हैं। जिसके चलते वनों की रकबा बढ़ने के बजाए लगातार प्रतिवर्ष कम हो रहा है जो सोचनीय है ।