
*खबर का हुआ बड़ा असर….*
*खबर प्रकाशन पर खानापूर्ति की कार्यवाही…. अर्थदंड अधिरोपित आगामी चेतावानी…*
धमतरी जिला में निजी अस्पताल की लापरवाही का मामला को हिन्द मीडिया न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया था जिसे लेकर बड़ी कार्यवाही की गई है। लेकिन जानकारों की माने तो यह महज खानापूर्ति की कार्यवाही है, जिसमे इतनी बडी लापवाही को जिला प्रशासन गंभीरता से न लेते हुए खानापूर्ति की कार्यवाही की गई है।
वहीं मामले में सूत्रों की माने तो सत्ता पक्ष के कद्दावर नेता के खासा संबंध के चलते सांठगाठ की बातें सामने आती रहीं हैं जिसका नतिजा यह है की सिर्फ खाना पूर्ति कर कार्यवाही की है।
कलेक्टर सह पर्यवेक्षी प्राधिकारी .एल्मा ने स्थानीय रूद्री रोड स्थित मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल संचालक के विरूद्ध 30 हजार रूपये अर्थदण्ड अधिरोपित किया और नियमानुसार अस्पताल संचालन की अंतिम चेतावनी दी है।
मामला बालोद जिला, तहसील गुरूर के ग्राम पंचायत पिकरीपार निवासी श्री नरेश साहू की मृत्यु के बाद पुलिस विभाग को बिना सूचना और पोस्टमार्टम की कार्रवाई किए शव परिजनों को सौंपने का है। दरअसल पिकरीपार के 45 वर्षीय श्री नरेश साहू शासकीय डेयरी वाहन से 03 अगस्त 2022 को दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरूर में भर्ती कराया गया। जहां से रिफर कर रूद्री रोड स्थित स्थानीय श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में चार अगस्त को उपचार के लिए भर्ती कराया गया। यहां पांच अगस्त को उपचार के दौरान उक्त मरीज की मृत्यु हो गई।
इसके बाद श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल द्वारा इसकी सूचना ना ही पुलिस विभाग को दी गई और ना ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। इस संबंध में शिकायत मिलने पर तत्कालिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने उक्त अस्पताल संचालक से जानकारी मांगी। इस प्रकरण को 30 नवम्बर को आहूत नर्सिंग होम एक्ट की जिला स्तरीय समिति की बैठक में भी रखा गया। प्रकरण के अवलोकन के बाद अस्पताल संचालक की लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 2010 की धारा (13) उपचर्यागृह/ क्लीनिकल स्थापना के द्वारा जानबूझकर की गई उपेक्षा के संबंध में प्रावधान का उल्लंघन पाया गया। इसके मद्देनजर कलेक्टर एल्मा ने अस्पताल संचालक के विरूद्ध 30 हजार रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। उन्होंने जिले के सभी निजी अस्पताल मेडिकल संचालकों को चेतावनी दी है कि किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्थान में उक्त कृत्य की पुनरावृत्ति करने अथवा भविष्य में मापदण्ड के विरूद्ध अस्पताल संचालन करने पर लाइसेंस निलंबित कर अस्पताल संचालन बंद करने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित निजी स्वास्थ्य संचालक की रहेगी।





