

कवर्धा। जिले के ग्राम खड़ौदा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष तुकाराम चन्द्रवंशी किसानों की समस्याओं को लेकर सीधे मंच तक पहुंच गए। मड़मड़ा सोसायटी क्षेत्र के किसानों के साथ पहुंचे तुकाराम चन्द्रवंशी ने किसानों को समय पर केसीसी राशि नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन और बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने बताया कि पिछले तीन शुक्रवार से वे लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी स्वीकृत केसीसी राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि बैंक प्रबंधन हर बार “राशि उपलब्ध नहीं होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा देता है। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखी गई।
तुकाराम चन्द्रवंशी ने मंच से कहा कि खेती-किसानी का समय चल रहा है और ऐसे समय में किसानों को उनकी पूरी केसीसी लिमिट नहीं मिलना बेहद गंभीर विषय है। किसानों को जहां पूरी राशि की आवश्यकता है, वहीं बैंक द्वारा केवल 15 से 20 हजार रुपए देकर भुगतान सीमित किया जा रहा है। इससे खाद, बीज और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान सुबह से शाम तक बैंक के बाहर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को मजबूत करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। किसानों को समय पर आर्थिक सहायता नहीं मिलने से उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। कई किसानों को मजबूरी में निजी साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर पैसा लेना पड़ रहा है।
सुशासन तिहार के मंच पर किसानों की समस्याओं को उठाए जाने के बाद कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुकाराम चन्द्रवंशी से चर्चा कर किसानों की समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से मोबाइल पर बात कर समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर किसानों की समस्याओं पर चर्चा होते देख मौजूद लोगों ने भी इसे सकारात्मक पहल बताया। किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था, लेकिन तुकाराम चन्द्रवंशी ने उनकी आवाज को मंच तक पहुंचाकर उन्हें राहत दिलाने का प्रयास किया है।
किसानों ने बताया कि समय पर केसीसी राशि नहीं मिलने के कारण खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच नकदी संकट गहराने लगा है। कई किसानों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बुवाई और कृषि कार्यों पर इसका असर पड़ेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल देखी गई। मंच से सीधे मामला उठने के कारण अधिकारियों को तत्काल सक्रिय होना पड़ा। किसानों का कहना है कि यदि पहले ही उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाता तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने की नौबत नहीं आती।
क्षेत्र के किसानों ने तुकाराम चन्द्रवंशी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों और आम लोगों की समस्याओं को उठा रहे हैं। किसानों ने उम्मीद जताई कि अब केसीसी भुगतान की समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें समय पर उनकी पूरी राशि प्राप्त हो सकेगी।





