hindmedianews
Breaking News
कबीरधामछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूजब्रेकिंग न्यूज़

मनरेगा में ‘अदृश्य’ जेसीबी का खेल!निशान और ग्रामीण चीख-चीख कर खोल रहे हैं राज

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

अजय जांगड़े

कवर्धा।केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) कबीरधाम जिले में नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जाने के आरोपों से घिर गई है। बोडला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत ,,,,,,,,,,,, में लगभग 17 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे चेक डेम के कार्य में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है।

जेसीबी मौके पर नहीं, लेकिन जमीन पर मौजूद हैं मशीन के सबूत

निरीक्षण के दौरान कार्य स्थल पर जेसीबी मशीन मौजूद नहीं पाई गई, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मशीन से कार्य कराए जाने की जानकारी दी है। मौके पर मशीन से की गई खुदाई के स्पष्ट निशान, सीधे कटाव, समतल पैनल और श्रम आधारित कार्य से भिन्न संरचना दिखाई दे रही है, जो भारी मशीन के उपयोग की ओर इशारा करती है।

मजदूरों के हक पर डाका

मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि मशीनों से कार्य कराया गया, तो यह योजना की आत्मा पर सीधा प्रहार है। सवाल यह है कि मजदूरी का भुगतान किन नामों से निकाला गया और वास्तविक कार्य किसने किया?

सूचना पटल नदारद, पारदर्शिता पर सवाल

निर्माण स्थल पर अनिवार्य नागरिक सूचना पटल नहीं लगाया गया, जिससे कार्य की लागत, स्वीकृति, तकनीकी विवरण और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी आमजन को नहीं मिल सकी। यह जानबूझकर पारदर्शिता से बचने की कोशिश को दर्शाता है।

घटिया सामग्री से निर्माण, गुणवत्ता संदेह के घेरे में

स्थल पर केवल 20 एमएम गिट्टी, सीमेंट की न्यूनतम मात्रा, और वह भी अत्यधिक पानी में निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। इससे चेक डेम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।

इन कानूनों का उल्लंघन?

मनरेगा अधिनियम, 2005

धारा 3 – रोजगार उपलब्ध कराने के मूल उद्देश्य का उल्लंघन

धारा 13 – जिला कार्यक्रम समन्वयक (कलेक्टर) की निगरानी जिम्मेदारी

धारा 23 – कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कर्तव्य में लापरवाही

धारा 25 – जानबूझकर अधिनियम उल्लंघन (दंडनीय)

मनरेगा कार्यान्वयन दिशानिर्देश (Operational Guidelines)

Clause 1.1 / 2.5 – मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध

Clause 4.1 – नागरिक सूचना पटल अनिवार्यता

Clause 7.2 – सामग्री गुणवत्ता व तकनीकी मानक

भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS)

(IPC के स्थान पर लागू)

धारा 316 BNS – लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात

धारा 318 BNS – धोखाधड़ी द्वारा अवैध लाभ अर्जित करना

धारा 61 BNS – आपराधिक षड्यंत्र

धारा 336 BNS – लोक सेवक द्वारा कर्तव्य के उल्लंघन से नुकसान

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988

धारा 7 – अवैध लाभ की मांग/स्वीकार

धारा 13(1)(a)/(d) – पद का दुरुपयोग कर लाभ पहुँचाना

एजेंसी से लेकर अफसर तक कटघरे में

इस पूरे मामले में कार्य एजेंसी, रोजगार सहायक, पंचायत सचिव, सरपंच, तकनीकी अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, जनपद व जिला पंचायत स्तर के अधिकारी प्रथम दृष्टया जवाबदेह नजर आते हैं। बिना प्रशासनिक संरक्षण के इस तरह की अनियमितताएं संभव नहीं मानी जा रही हैं।

कलेक्टर कबीरधाम से सीधा सवाल

अब सवाल साफ है—क्या कलेक्टर कबीरधाम इस मामले में BNS और मनरेगा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करेंगे? या फिर हमेशा की तरह जांच के नाम पर फाइलें घुमाई जाएंगी?

यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संदेश जाएगा कि ,मनरेगा मजदूरों की नहीं, मशीन और कमीशन की योजना बन चुकी है।

संबंधित पोस्ट

वेदांता प्लांट के बाहर गरमाया माहौल, मजदूर संगठन का प्रदर्शन तेज , जिले में हुए दर्दनाक औद्योगिक हादसे के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

Sakshi Bansod

कीचड़ में बैठकर किया विरोध: राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा पर कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी का तीखा प्रहार

hindmedianews

अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब का बिक्री करने वाले आरोपी चढ़ा पंडरिया पुलिस के हत्थे 

hindmedianews

07 जुआरियों को जुआ खेलते रंगे हाथों थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने धर दबोचा।

hindmedianews

2020 बैच की ‘लेडी सिंघम’ नीतू काद्दयान ने संभाला गोमती जोन DCP का कार्यभार, बोलीं- पारदर्शी पुलिसिंग पहली प्राथमिकता

Sakshi Bansod

लोक जन शक्ति पार्टी का स्थापना दिवस पूरे धूमधाम से मनाया गया,

Chunesh Sahu