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खबर का असर: ‘हिन्द मीडिया न्यूज़’ की खबर के बाद जागा प्रशासन; जल संसाधन विभाग ने कराई नहरों की सफाई, तालाबों तक पहुँचा पानी*

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चुनेश साहू । धमतरी 

जल संरक्षण के दावों के बीच जल संसाधन विभाग की लापरवाही और फौजी कॉलोनी में हुए जलभराव के मुद्दे को ‘हिन्द मीडिया न्यूज़’ टीम द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। समाचार प्रकाशन के तुरंत बाद ही विभाग ने अपनी कुंभकर्णी नींद त्यागी और धरातल पर सुधारात्मक कार्य शुरू किए, जिसके सकारात्मक परिणाम अब नजर आने लगे हैं।

 

 

 

उल्लेखनीय है कि ‘हिन्द मीडिया न्यूज़’ ने “धमतरी: जल संसाधन प्रबंध संभाग कोड नंबर 38 की बड़ी लापरवाही, फौजी कॉलोनी जलमग्न”

 

 शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बताया था कि किस तरह विभाग की अनदेखी के कारण लाखों लीटर निस्तारी पानी तालाबों में जाने के बजाय रिहायशी इलाकों और खेतों में तबाही मचा रहा है। इस खबर के माध्यम से न केवल स्थानीय नागरिकों का दर्द साझा किया गया था, बल्कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवैये और ‘जल जगार’ अभियान की विफलता को भी उजागर किया गया था। समाचार वायरल होते ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया।

 

 

खबर का व्यापक असर यह हुआ कि जल प्रबंध संभाग कोड नंबर 38 की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में जाम पड़ी केनाल नली की सफाई का कार्य शुरू किया। बरसों से जमा कूड़ा-करकट, गाद और मलबे को साफ किया गया। विभाग द्वारा केनाल के अवरोधों को हटाने के बाद अब पानी का बहाव सुचारू हो गया है। जो पानी सड़कों और गलियों में बहकर मुसीबत बन रहा था, वह अब सीधे अपने निर्धारित लक्ष्य यानी तालाबों तक पहुंचने लगा है।

 

 

**कॉलोनीवासियों ने जताया आभार**

फौजी कॉलोनी के निवासियों ने जलभराव की समस्या से निजात मिलने पर राहत की सांस ली है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि विभाग के अधिकारी शिकायतों को अनसुना कर रहे थे, लेकिन ‘हिन्द मीडिया न्यूज़’ द्वारा प्रखरता से आवाज उठाने के बाद ही प्रशासन ने सुध ली। वर्तमान में तालाबों की भराई का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है, जिससे आने वाले गर्मी के दिनों में निस्तारी और भू-जल स्तर की समस्या का समाधान हो सकेगा।

 

 

 

भले ही विभाग ने वर्तमान में गलती सुधार ली है, लेकिन इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में मॉनिटरिंग और सतर्कता बरती जाए, तो संसाधनों की बर्बादी को रोका जा सकता है। कलेक्टर के ‘जल जगार’ और ‘माँ’ अभियान की सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब विभागीय मैदानी अमला अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझे। हिन्द मीडिया न्यूज़ की इस मुहिम ने एक बार फिर साबित किया है कि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने पर प्रशासन को झुकना पड़ता है और समाधान की राह निकलती है।

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