
डोंगरगढ़ ।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती एवं महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर महिला सशक्तिकरण संघ, डोंगरगढ़ द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना से हुई। इसके पश्चात सविता मेश्राम द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। डॉ.संगीता रंगारी एवं सीमा सहारे ने राजकीय गीत प्रस्तुत किया।
महिला सशक्तिकरण संघ की प्रदेश अध्यक्ष पदमा मेश्राम ने संगठन के कार्य एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं भिखूनी कल्याण बोधी ने अपने गीत के माध्यम से माता रमाई के संघर्षों को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित संरक्षक नलिनी मेश्राम ने बाबा साहेब द्वारा संविधान में दिए गए महिलाओं के अधिकारों तथा महात्मा फुले के सामाजिक संघर्षों की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य अतिथि सुनीता सिंह एवं किरण मेश्राम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अमिताभ दुफारे ने बाबा साहेब के जीवन और समाज में महिलाओं की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जाई सेंडे, उर्मिला हुमने, अनीता मेश्राम, ममता भोयर, सीमा सहारे एवं अनिल लाडगे ने गीतों के माध्यम से महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी। वहीं अरुणा गजभिये, सविता मेश्राम, माया भास्कर, सुनंदा डोंगरे, अनुपमा लाडगे एवं पूजा मेश्राम ने अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु प्रोफेसर संगीता रंगारी, ज्योति मेश्राम, सीमा सहारे, काजोल मेश्राम एवं डॉ. परमेश्वरी कुम्भज टांडिया को “ग्लोबल टीचर अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली नलिनी मेश्राम, किरण मेश्राम, सुनीता सिंह, माया भास्कर, उर्मिला हुमने, सविता मेश्राम, पूजा मेश्राम, अरुणा गजभिये, अनीता मेश्राम, जाई सेंडे, सारिका बडोले, अनुपमा लांडगे, माधुरी मेश्राम, जूली टेम्भुरकर, मनीषा मेश्राम एवं मुन्नी लाउतरे को “नारी शक्ति सम्मान” से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सरिता गजभिये, उजाला बंसोड एवं रेखा सहारे को सम्मान पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन ममता भोयर एवं सीमा सहारे ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर अनिल सहारे, राम साहू, लक्ष्मी बोरकर, सारिका अंबादे एवं मधुकर सेंडे का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही।





