
आमजन लू और गर्मी से बचने का उपाय तो कर लेते हैं लेकिन बेजुबान जानवर किस तरह गर्मी से बचने का उपाय करें इसके लिए जु प्रबंधन ने कई तरीके अपना रही हैं एशिया के सबसे बड़ा स्टील प्लांट भिलाई इस्पात संयंत्र के अधीनस्थ रशिया औऱ भारत की मैत्री के प्रतीक मैत्री बाग में भी जानवरों को गर्मी से बचाव के लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं।।।
लगातार बढ़ते तापमान का असर अब बेजुबान जंगली जानवरों पर भी पड़ रहा है, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है गर्मी के कारण तापमान अप्रेल माह में ही 41 डिग्री से अधिक पहुंच चुका है तो वहीं आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है इस प्रचंड गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है तो वही बेजुबान जानवरों को भी गर्मी ने परेशान कर रखा है चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण जंगल के राजा शेर भी सुस्त हो चुका है शेर को भी अब भीषण गर्मी सता रही है इतनी गर्मी में अब जंगल के राजा को भी गर्मी लगने लगी है जी हां सही सुन रहे है आप जंगल का राजा शेर की दहाड़ गर्मी के कारण सिकुड़ गई है मैत्री गार्डन में भी जानवरो के लिए ठंडे पानी के फव्वारे की व्यवस्था की गई है इस पानी के फव्वारे से शेर खेलते हुए अठखेलियाँ करते दिख रहे है आपको बता दे कि भिलाई के मैत्री गार्डन में सैकड़ो जानवर है जिसमे भालू,बंगाल टाइगर लायन से लेकर वाइट टाइगर हिरण और अन्य विभिन्न विभिन्न प्रजाति के जानवर तक मौजूद है तो वही गर्मियों के मौसम में शेरो को परेशानी न हो इसका भी खास ख्याल रखा जा रहा है ठंडे पानी के फव्वारे दिन में कई बार मारे जा रहे हैं पिंजरे के अंदर गड्ढा खोद के तालाब जैसा बनाया गया है जिसमें ठंडा पानी भरा जाता है समय-समय पर इस पानी को बदला भी जाता है इस ठंडे पानी में आकर शेर अपनी गर्मी शांत करता है और अठखेलियां करता हुआ खेलता भी है तो वही टाइगर तापमान को लेकर काफी संवेदनशील होते हैं बढ़ती गर्मी के कारण इनका खानपान भी कम हो जाता है तो वहीं यह 30 से 35 डिग्री तक का तापमान ही बर्दाश्त कर सकते हैं 35 डिग्री के ऊपर तापमान होने पर शेर परेशान हो सकता है और हिंसक हो सकते है इसलिए इनको ठंडे पानी की बौछार दी जाती है शेर के साथ साथ भालू हिरण और अन्य 1 प्राणियों के केस में भी आर्टिफिशियल काउंटर लगाए गए हैं तो वहीं ठंडे पानी की बौछार और फव्वारे अन्य वन प्राणियों को भी दिए जा रहे हैं लगातार बढ़ रहे तापमान और गर्मी के कारण शेर को मौसम की मार ना झेलनी पड़े रोज सुबह से लेकर शाम तक ठंडे पानी के साथ साथ उन्हें पानी से पोषित भोजन देकर राहत देने की कोशिश की जा रही है ग़ौरतलब है गर्मी के मौसम में शेरो को काफी तकलीफ होती है जिसे देखते हुए जू प्रबंधन द्वारा ये फैसला लिया गया है।





