
डोंगरगढ़ (राजनांदगांव), 14 अप्रैल 2026।
डोंगरगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
इस मामले में बालिका को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2025 को बालिका के पिता ने थाना डोंगरगढ़ में अपनी नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आशंका जताई गई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि डोंगरगढ़ निवासी उमेश यादव (उम्र 21 वर्ष) ने शादी का झांसा देकर नाबालिग को अपने साथ भगा लिया था। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की और आखिरकार उसे रायपुर में ट्रेस कर लिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रायपुर में दबिश दी और आरोपी के कब्जे से बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी उमेश यादव को गिरफ्तार कर डोंगरगढ़ लाया गया, जहां उसके खिलाफ कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 87, 64(2)(M), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
ये सभी धाराएं गंभीर अपराधों से संबंधित हैं, जिनमें अपहरण, यौन शोषण और नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसे अपराध शामिल हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मिली सफलता
इस पूरे अभियान को सफल बनाने में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी संतोष जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने सराहनीय कार्य किया।
विशेष रूप से उपनिरीक्षक गीतांजली सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक मुजीब रहमान कुरैशी और आरक्षक ऋतेश गात्रे की भूमिका उल्लेखनीय रही, जिन्होंने लगातार प्रयास कर बालिका को सुरक्षित ढूंढ निकाला और आरोपी को गिरफ्तार किया।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ से मिल रही सफलता
पुलिस विभाग द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ गुमशुदा बच्चों और नाबालिगों की तलाश में बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत लगातार लापता बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाने का कार्य किया जा रहा है।
डोंगरगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थिति में नजर आए, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। आपात स्थिति में 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस की सहायता ली जा सकती है।
समाज के लिए संदेश
यह मामला समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि नाबालिगों को बहलाने-फुसलाने के मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है।
अभिभावकों को अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने और उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि वे किसी भी तरह के झांसे में न आएं।
डोंगरगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक नाबालिग की जिंदगी सुरक्षित हुई है, बल्कि अपराधियों को भी सख्त संदेश गया है कि कानून से बच पाना संभव नहीं है।





