
डोंगरगढ़, 14 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला बेरोजगार लोगों को झांसा देकर पैसे ऐंठने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की ओर इशारा करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी आशीष पुर्ती (43 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 4, अंश होटल के पीछे, डोंगरगढ़ ने अपने एक साथी काली राम पार्कर के साथ मिलकर ग्राम अछोली निवासी श्रीमती ललिता सिंह (33 वर्ष) को नौकरी दिलाने का लालच दिया। आरोपियों ने पीड़िता को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर पद पर नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिलाया।
इस कथित नौकरी के बदले आरोपियों ने पीड़िता से कुल 4 लाख रुपये की मांग की थी। भरोसे में आकर पीड़िता ने 2 लाख रुपये अग्रिम (एडवांस) के रूप में दे दिए। समय बीतने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़िता को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ।
पीड़िता ने इस संबंध में थाना डोंगरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर 14 अप्रैल 2026 को मुख्य आरोपी आशीष पुर्ती को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की तत्परता और सक्रियता देखने को मिली।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक धनलाल सिन्हा, प्रधान आरक्षक रूपेश देवांगन, आरक्षक किशन चंद्रा, राम खिलावन सिन्हा एवं युगेंद्र देशमुख का विशेष योगदान रहा।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। बिना सत्यापन के किसी को भी धनराशि देना गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।





