
राजनांदगांव, 12 अप्रैल 2026।
जिले के डोंगरगढ़ स्थित खालसा
पब्लिक स्कूल से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल में पढ़ाई के दौरान एक छात्र के साथ की गई बेरहमी ने उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। आरोप है कि स्कूल की इंचार्ज शिक्षिका और क्लास टीचर ने मिलकर कक्षा 7वीं के छात्र को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी सुनने की शक्ति स्थायी रूप से प्रभावित हो गई।
यह घटना 2 जुलाई 2025 की बताई जा रही है, लेकिन मामले में अब जाकर पुलिस ने ठोस कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी इंचार्ज शिक्षिका को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरी आरोपी शिक्षिका अभी भी फरार है।
मामूली गलती पर बर्बरता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र सार्थक सहारे कक्षा 7वीं में अध्ययनरत था। घटना वाले दिन वह एसएसटी की किताब निकालने में कुछ देर कर बैठा, जिस पर क्लास टीचर नम्रता साहू ने उसे डांटना शुरू किया। बात यहीं नहीं रुकी—नम्रता साहू ने इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह को बुला लिया।
आरोप है कि दोनों शिक्षिकाएं कक्षा में आईं और बिना किसी चेतावनी के छात्र के दोनों कानों पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिए। यह हमला इतना गंभीर था कि छात्र को तुरंत तेज दर्द और सुनने में दिक्कत होने लगी।
हमेशा के लिए छिन गई सुनने की क्षमता
घटना के बाद छात्र की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया, जहां जांच में सामने आया कि उसके कानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक जोर से मारे गए थप्पड़ों के कारण उसकी सुनने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो गई।
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक मामूली गलती पर इतनी क्रूर सजा देने का मामला शिक्षा व्यवस्था पर भी
गंभीर सवाल खड़े करता है।
पिता की शिकायत पर मामला दर्ज
पीड़ित छात्र के पिता सुधाकर सहारे ने इस घटना के खिलाफ थाना डोंगरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 574/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117(2), 117(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया।
जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस जांच के दौरान घटना से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने आए। इसके बाद 11 अप्रैल 2026 को इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह (उम्र 45 वर्ष), निवासी केदारबाड़ी वार्ड नंबर 3, डोंगरगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।”
सहायक शिक्षिका फरार, तलाश जारी
घटना में शामिल क्लास टीचर नम्रता साहू अभी फरार बताई जा रही है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभिभावकों में आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित और प्रेरणादायक स्थान होना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं न केवल बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी ठेस पहुंचाती हैं।
डोंगरगढ़ की यह घटना केवल एक छात्र के साथ हुई क्रूरता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। जरूरत है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन के नाम पर होने वाली हिंसा पर सख्ती से रोक लगाई जाए और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।





