
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब युवक ने मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने चार लोगों का नाम लेकर उन्हें अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार बताया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि युवक लंबे समय से तनाव और दबाव में था। वीडियो में उसने बताया है कि कुछ लोगों द्वारा की जा रही प्रताड़ना और दबाव के कारण वह मानसिक रूप से टूट गया था।
वीडियो बना पुलिस जांच का मुख्य सबूत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के मोबाइल से बरामद वीडियो को महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। वीडियो में युवक की आवाज स्पष्ट है और उसने अपने साथ हुई मानसिक प्रताड़ना को विस्तार से बताया है। पुलिस अब उन चार नामजद व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी में है, जिन पर आरोप लगाए गए हैं।
जांच अधिकारी ने बताया — “वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) सहित अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।”
परिजनों का आरोप — कई दिनों से परेशान था युवक
मृतक के परिवार ने दावा किया है कि युवक पिछले कुछ दिनों से तनाव में था और बार-बार घर में चुपचाप रह रहा था। घरवालों के अनुसार, युवक ने पहले कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया था, जिसके चलते यह कदम सबके लिए चौंकाने वाला है। परिजनों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग मौके पर जमा होने लगे। लोगों ने इस घटना को सामाजिक संवेदनहीनता और दबाव का दुखद परिणाम बताया। कई लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में पुलिस तुरंत कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील
मनोवैज्ञानिकों ने कहा है कि तनाव, धमकी या भावनात्मक दबाव जैसी स्थितियों में व्यक्ति को समय पर सहायता मिलना जरूरी है।
स्थान : अंबिकापुर, जिला सरगुजा
समय : शुक्रवार देर रात
मामले की स्थिति : जांच जारी





