
छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब राज्य में 200 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आधा किया जाएगा। सरकार की इस नई नीति से करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला
राज्य सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने माना कि मध्यम एवं निम्न वर्ग की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बिजली बिल में राहत देना आवश्यक है।
कैसे मिलेगा फायदा?
200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को आधा बिल देना होगा। यह योजना आगामी महीने से लागू की जाएगी। पुराने बकाया बिलों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। योजना के तहत सभी पात्र उपभोक्ताओं का स्वतः सत्यापन किया जाएगा।
कितना होगा फायदा?
सामान्यतः 200 यूनिट तक बिल आने पर उपभोक्ताओं को 650 से 900 रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है, लेकिन नई योजना लागू होने के बाद अब यह राशि 350–450 रुपये के आसपास रह जाएगी।
जनता में खुशी, विपक्ष ने उठाए सवाल
इस घोषणा के बाद कई जिलों में उपभोक्ताओं में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में इस तरह की राहत बेहद जरूरी थी।
वहीं विपक्ष ने इस फैसले को आगामी चुनाव से जोड़ते हुए इसे जन-लुभावन व राजनीतिक कदम बताया है और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
ऊर्जा मंत्री का बयान
ऊर्जा मंत्री ने कहा — “सरकार का उद्देश्य जनता को बड़ी आर्थिक राहत देना है। आने वाले समय में बिजली व्यवस्था मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।”
आगे और भी छूट के संकेत
सूत्रों के अनुसार आने वाले महीनों में सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर योजना और ग्रामीण क्षेत्रों में फ्री कनेक्शन अभियान भी शुरू कर सकती है।
निष्कर्ष: इस निर्णय से खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों, किराएदारों, ग्रामीण उपभोक्ताओं और छोटे परिवारों को खास राहत मिलेगी। फिलहाल राज्यभर में इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है।





