
अयोध्या विशेष – धर्मध्वज आरोहण समारोह
अयोध्या
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिन बाद आज अयोध्या ने एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनते हुए विश्वभर में रामभक्ति की अलौकिक गूंज बिखेर दी। मंगलवार प्रातः निर्धारित शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज का विधिवत आरोहण किया। धर्मध्वज के केसरिया आभा में क्षणभर में पूरी नगरी ‘राममय’ हो उठी और उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें भावनाओं से नम हो गईं।
शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर के पूर्णता की ओर बढ़ने का मार्ग औपचारिक रूप से प्रशस्त हो गया। प्रधानमंत्री मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, देशभर से आए संत-महात्मा और हजारों भक्तों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक विराट बना दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह क्षण भारत की सभ्यता, संस्कृति और संकल्प की विजय है। उन्होंने भावुक होकर कहा— “आज पूरी दुनिया राममय हुई है। सदियों के घाव भर गए हैं। करोड़ों लोगों का सपना और आस्था आज साकार हो रही है।” प्रधानमंत्री के वक्तव्य के दौरान उपस्थित भक्तों से बार-बार हर-हर महादेव और जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस अवसर को राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना का नवीनीकरण बताते हुए कहा— “आज करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था मूर्त रूप में सामने है। यह सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का ध्रुवतारा है।”
धर्मध्वज आरोहण के तुरंत बाद मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। पूरे अयोध्या में पर्व जैसा उत्साह रहा। रामपैड़ी, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट पर भक्तों का मेला लगा रहा। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए विशेष इंतजाम किए।
दिनभर पुष्पवर्षा, भजन, शोभायात्रा और दीप सज्जा के बीच अयोध्या आस्था के महासागर में डूबी रही। श्रद्धालुओं ने इस दिन को ‘पुनर्जागरण का पर्व’ बताते हुए कहा कि आज युगों पुरानी आस पूरी हुई है।





