

दुर्ग
छत्तीसगढ़ के भिलाई में अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य आगाज़ हुआ है। छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से आए युवा पहलवान अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन भिलाई के सिविक सेंटर स्थित साइकिल पोलो ग्राउंड में किया जा रहा है, जहां खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
भिलाई में शुरू हुई इस राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में करीब 1100 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे ये युवा पहलवान अलग-अलग वजन वर्गों में अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन दुर्ग सांसद विजय बघेल और राष्ट्रीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने किया।
यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के लिए कई मायनों में खास मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार इसे आधुनिक आर्टिफिशियल इंडोर स्टेडियम की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में कुल 120 मेडल और तीन ट्रॉफियों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले हो रहे हैं, जिनका आनंद दर्शक भी भरपूर उठा रहे हैं।
प्रतियोगिता का संचालन भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के लगभग 40 सदस्यों की देखरेख में किया जा रहा है। आयोजन पूरी तरह से ओलंपिक संघ के निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल सके।
छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इस प्रतियोगिता में देश के लगभग 28 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में छिपी हुई कुश्ती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलते हैं और उनकी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और खेल संगठनों के संयुक्त प्रयासों से राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।
इस प्रतियोगिता की एक और खास बात यह है कि इसमें भारतीय सेना के तीनों विंग—आर्मी, एयरफोर्स और नेवी—के पहलवान भी भाग ले रहे हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और भी ऊंचा हो गया है। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से युवा पहलवानों को सीखने का अवसर भी मिल रहा है।
कुल मिलाकर भिलाई में आयोजित यह अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का मंच बन रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल मानचित्र पर नई पहचान भी दिला रही है। आने वाले दिनों में प्रतियोगिता के मुकाबले और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।





